नाटक और नाटककार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

हिन्दी के नाटक और नाटककार 

हिन्दी के नाटक और नाटककार – हिन्दी का पहला नाटक ‘नहुष’ है। इसका रचनाकाल 1857 ई. है। इसके रचनाकार या लेखक “गोपाल चन्द्र गिरधरदास” हैं। नाटक अर्थात् रूपक को तीनों लोकों के भावों का अनुकरण मानते हुए नाट्यशास्त्र में भरतमुनि लिखते हैं- “नाराभावोपसम्पन्नं नानावस्थान्तरात्मकम् । लोकवृत्तानुकरं नाट्यमेतन्मया कृतम्।।” (जाने – नाटक विधा की सम्पूर्ण जानकारी)

नाटक और नाटककार 

भारतेन्दु युग के नाटक और नाटककार

क्रम नाटक नाटककार
1. रामायण महानाटक प्राणचंद चौहान
2. आनंद रघुनंदन महाराज विश्वनाथ सिंह
3. नहुष गोपालचंद्र गिरिधर दास
4. विद्यासुंदर, रत्नावली, पाखण्ड विडंबन, धनंजय विजय, कर्पूर मंजरी, भारत-जननी, मुद्राराक्षस, दुर्लभ बंधु (उपर्युक्त सभी अनूदित); वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, सत्यहरिश्चंद्र, श्रीचंद्रावली, विषस्य विषमौषधम, भारत-दुर्दशा, नीलदेवी, अँधेर नगरी, सती प्रताप, प्रेम योगिनी (मौलिक) भारतेंदु हरिश्चंद्र
5. कृष्ण-सुदामा नाटक शिवनंदन सहाय
6. संयोगिता स्वयंवर, प्रह्लाद-चरित्र, रणधीर प्रेममोहिनी, तप्त संवरण लाला श्रीनिवासदास
7. अमरसिंह राठौर, बूढ़े मुँह मुँहासे (प्रहसन) राधाचरण गोस्वामी
8. मयंक मंजरी, प्रणयिनी-परिणय किशोरीलाल गोस्वामी
9. भारत-दुर्दशा, कलिकौतुक रुपक, संगीत शाकुंतल, हठी हम्मीर प्रताप नारायण मिश्र
10. कलिराज की सभा, रेल का विकट खेल, दमयंती स्वयंवर, जैसा काम वैसा परिणाम (प्रहसन), नई रोशनी का विष, वेणुसंहार बालकृष्ण भट्ट
11. जानकीमंगल शीतला प्रसाद त्रिपाठी
12. महाराणा प्रताप, दुःखिनी बाला, पद्यावती, धर्मालाप राधाकृष्ण दास
13. भारत-हरण देवकीनंदन त्रिपाठी
14. प्रद्युम्न विजय व्यायोग, रुक्मिणी परिणय अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

प्रसादोत्तर युग के नाटक और नाटककार

क्रम नाटक नाटककार
1. कृष्णार्जुन युद्ध माखनलाल चतुर्वेदी
2. सेनापति ऊदल वृंदावनलाल वर्मा
3. नेत्रोन्मीलन मिश्रबंधु
4. करुणालय, सज्जन, कामना, विशाख, कल्याणी परिणय, अजातशत्रु, एक पैंट, प्रायश्चित्त, चंद्रगुप्त, जनमेजय का नागयज्ञ, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी जयशंकर प्रसाद
5. स्वर्णविहान, रक्षाबंधन, साँपों की सृष्टि, पाताल विजय, शिवसाधना, स्वप्नभंग, विषपान, अमृत पुत्री, उद्धार, प्रतिशोध हरिकृष्ण ‘प्रेमी’
6. अशोक, संन्यासी, आधी रात, मुक्ति का रहस्य, राक्षस का मंदिर, राजयोग, सिंदूर की होली, अपराजित, चक्रव्यूह लक्ष्मीनारायण मिश्र
7. सुभद्रा, जयंत रामनरेश त्रिपाठी
8. कर्बला, संग्राम, प्रेम की बेदी प्रेमचंद
9. उत्सर्ग, अमर राठौर चतुरसेन शास्त्री
10. विक्रमादित्य, विश्वामित्र, दाहर अथवा सिंध पतन, शक विजय, मत्स्यगंधा उदयशंकर भट्ट
11. अंजना, आनरेरी मजिस्ट्रेट, भाग्यचक्र सुदर्शन
12. चुंबन, डिक्टेटर पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’
13. ज्योत्स्ना, रजत शिखर, शिल्पी सौवर्ण सुमित्रानंदन पंत
14. अनघ, तिलोत्तमा, चंद्रहास मैथिलीशरण गुप्त
15. जय-पराजय, छठा बेटा, कैद, उड़ान, अलग-अलग रास्ते, सूखी डाली, तौलिए, पर्दा उठाओ पर्दा गिराओ, कस्बे के डिस्को क्लब का उद्घाटन, भँवर, अंधी गली, पैंतरे ‘अश्क’
16. डॉक्टर, समाधि, टूटते परिवेश, अब और नहीं, लिपस्टिक की मुस्कान, नवप्रभात, रक्तचंदन, युगे युगे क्रांति विष्णु प्रभाकर
17. कोणार्क, शारदीया, पहला राजा, दशरथ नंदन जगदीशचंद्र माथुर
18. अंधा युग धर्मवीर भारती
19. उत्तरप्रियदर्शी ‘अज्ञेय’
20. अंधा कुआँ, मादा कैक्टस, रातरानी, तीन आँखों वाली मछली, सुंदर रस, सूखा सरोवर, रक्तकमल, कलंकी, सूर्यमुख, पंचपुरुष, मिस्टर अभिमन्यु, करफ्यू, सुगन पंछी, दर्पन, गंगामाटी, राक्षस का मंदिर डॉ० लक्ष्मीनारायण लाल
21. आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, पैरों तले की जमीन (अधूरा) मोहन राकेश
22. स्नेह या स्वर्ग, कर्तव्य सेठ गोविंददास
23. कल्पांतर गिरिजा कुमार माथुर
24. सृष्टि की साँझ, लौह देवता, संघर्ष, विकलांगों का देश, बादलों का शाप सिद्धनाथ
25. एक कण्ठ विषपायी दुष्यंत कुमार
26. बिना दीवारों के घर, रजनी दर्पण मन्नू भण्डारी
27. सुबह के घंटे, खंडित यात्राएँ, उलझन नरेश मेहता
28. घाटियाँ गूंजती हैं। शिवप्रसाद सिंह
29. नेफा की एक शाम, शुतुरमुर्ग ज्ञानदेव अग्निहोत्री
30. तीन अपाहिज, खोए हुए आदमी की खोज विपिन कुमार अग्रवाल
31. द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक, सेतुबंध, छोटे सैयद बड़े सैयद, शकुन्तला की अँगूठी सुरेंद्र वर्मा
32. तुगलक, नागमंडल, रक्त-कल्याण गिरीश कर्नाड
33. बकरी, लड़ाई, कल भात आएगा सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
34. मरजीवा, तेंदुआ, तिलचट्टा मुद्राराक्षस
35. कबीर खड़ा बजार में, हानूश, माधवी भीष्म साहनी
36. चरणदास चोर, मिट्टी की गाड़ी, आगरा बाजार हबीब तनवीर
37. एक और द्रोणाचार्य, फंदी, बंधन अपने-अपने, कोमल गांधार शंकर शेष
38. नरमेध, प्रजा ही रहने दो गिरिराज किशोर
39. रसगंधर्व, खेला पोलमपुर मणि मधुकर
40. तीन एकांत, वीक एण्ड, धूप का एक टुकड़ा, डेढ़ इंच ऊपर निर्मल वर्मा
41. काला मुँह, अपने-अपने खूँटे गोविंद चातक
42. घासीराम कोतवाल, हल्ला बोल विजय तेंदुलकर
43. नाटक बाल भगवान, कोर्ट मार्शल, जलता हुआ रथ, सबसे उदास कविता, काल कोठरी स्वदेश दीपक

महत्वपूर्ण विधाओं के रचनाकार और रचनाएँ (लेखक और रचनाएँ)

उपन्यास-उपन्यासकार, कहानी-कहानीकार, नाटक-नाटककार, एकांकी-एकांकीकार, आलोचना-आलोचक, निबंध-निबंधकार, आत्मकथा-आत्मकथाकार, जीवनी-जीवनीकार, संस्मरण-संस्मरणकार, रेखाचित्र-रेखाचित्रकार, यात्राव्रतांत-यात्राव्रतांतकार, रिपोर्ताज-रचनाकार

Related Posts

Dakhini – दक्खिनी, Dakhini language, Dakhini Urdu

दक्खिनी दक्खिनी-13-14वीं शताब्दी में जब दिल्ली के सुलतानों (मुहम्मद तुगलक) ने उत्तरी भारत के लोगों को दक्षिणी (दौलताबाद) में बसाया था तब उन लोगों के साथ उनकी भाषा भी दक्षिण...Read more !

भारतीय आर्य भाषा क्या है? भारतीय आर्य भाषाओं का वर्गीकरण

भारतीय आर्य भाषा भारतीय आर्य भाषा क्या है? हिन्दी का इतिहास वस्तुत: वैदिक काल से प्रारंभ होता है । उससे पहले भारतीय आर्यभाषा का स्वरूप क्या था इसका कोई लिखित...Read more !

नाटक – नाटक क्या होता है? और नाटक के अंग

नाटक इंद्रिय ग्राह्यता के आधार पर साहित्य के दो भेद माने जाते हैं-दृश्य और श्रव्य दृश्य काव्य को पुनः दो भेदों में विभक्त किया जाता है- रूपक तथा उपरूपक। रूपक...Read more !

कविता | Kavita ki vidhaye | कविता के सौन्दर्य तत्व

कविता कविता पद्यात्मक एवं छन्द-बद्ध होती है। चिन्तन की अपेक्षा, उसमें भावनाओं की प्रधानता होती है। उसका आनन्द सृजन करता है। इसका उद्देश्य सौन्दर्य की अनुभूति द्वारा आनन्द की प्राप्ति...Read more !

सूफी काव्य धारा – कवि और उनकी रचनाएँ

सूफी काव्य धारा सूफी शब्द-‘सूफ’ से बना है जिसका अर्थ है ‘पवित्र’। सूफी लोग सफेद ऊन के बने चोगे पहनते थे। उनका आचरण पवित्र एवं शुद्ध होता था। इस काव्य...Read more !