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प्रश्न कौशल – अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं प्रकार

प्रश्न कौशल (Skill of Questioning) शिक्षण प्रक्रिया की शुरुआत आदि काल से ही प्रश्न उत्तर के रूप में शुरू हुई थी और आज भी जिज्ञासु छात्र प्रश्न पूछता है तथा शिक्षक उसका उत्तर देता है। शिक्षक छात्र अधिगम की जाँच हेतु अथवा...Read More !

श्यामपट्ट कौशल – अर्थ, आवश्यकता, उपयोग, विशेषताएँ, सावधानियाँ

श्यामपट्ट कौशल (Black Board Skill) श्यामपट्ट शिक्षण एवं शिक्षक का घनिष्ठ मित्र होता है। यह अध्यापक के शिक्षण का अभिन्न अंग होता है। हम किसी ऐसे कक्षा-कक्ष की कल्पना भी नहीं कर सकते जहाँ पर श्यामपट्ट न हो। प्रो. स्टक...Read More !

पाठ प्रस्तावना कौशल – अर्थ, परिभाषा, प्रस्तावना, लक्षण, मूल्यांकन

पाठ प्रस्तावना कौशल (Skill of Introducing a Lesson) प्रस्तावना का अर्थ- प्रस्तावना कक्षा में प्रथम कार्य है। पढ़ाने के लिये अध्यापक की प्रस्तावना अच्छी रही तो पाठ की सफलता सुनिश्चित हो जाती है। कहते भी हैं कि यदि कार्य क...Read More !

उद्दीपन परिवर्तन कौशल – अर्थ, परिभाषा एवं घटक

उद्दीपन परिवर्तन कौशल (Stimulus Variation Skill) यदि शिक्षण को प्रभावी तथा अधिगम को अधिकतम बनाना है तो शिक्षक को चाहिये कि वह जिन शब्दों अथवा अशाब्दिक शारीरिक क्रियाओं का उपयोग विद्यार्थियों की पाठ को समझने हेतु जिन भावन...Read More !

पुनर्बलन कौशल – परिभाषा, पुनर्बलन के प्रकार, घटक

पुनर्बलन कौशल (Reinforcement Skill) पुनर्बलन का अर्थ है शिक्षक का वह व्यवहार जिससे छात्रों को पाठ के विकास में भाग लेने हेतु एवं प्रश्नों का सही उत्तर देने हेतु प्रोत्साहन प्राप्त हो। अतः "पुनर्बलन वह प्रक्रिया है जिसके...Read More !

काव्य (Kavya) – परिभाषा, अंग, भेद, प्रकार, जनक, तत्व और उदाहरण

काव्य किसे कहते हैं? काव्य (Kavya) पद्यात्मक एवं छन्द-बद्ध रचना होती है। चिन्तन की अपेक्षा काव्य में भावनाओं की प्रधानता होती है। इसका साहित्य आनन्द सृजन करता है। और जिसका उद्देश्य सौन्दर्य की अनुभूति द्वारा आनन्द की प्र...Read More !

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अलंकार – अलंकार की परिभाषा, भेद, उदाहरण – Alankar in Hindi

अलंकार (Figure of Speech) परिभाषा: अलंकार का शाब्दिक अर्थ होता है- 'आभूषण', जिस प्रकार स्त्री की शोभा आभूषण से उसी प्रकार काव्य की शोभा अलंकार से होती है अर्थात जो किसी वस्तु को अलंकृत करे वह अलंकार कहलाता है। संक्षेप मे...Read More !

सर्वनाम – सर्वनाम के भेद, परिभाषा, उदाहरण – Sarvanam ke bhed

Sarvanam (Pronoun) सर्वनाम: वह शब्द जो संज्ञा के बदले में आए उसे सर्वनाम कहते हैं। जैसे – मैं, तुम, हम, वह, आप, उसका, उसकी आदि। यह संज्ञा के स्थान पर आता है। संज्ञा और संज्ञा वाक्यांशों को आम तौर पर वह, यह, उसका और इसका...Read More !

समास – परिभाषा, भेद और उदाहरण- Samas In Hindi

Samas (समास) समास (Samas In Hindi): समास का तात्पर्य है ‘संक्षिप्तीकरण’। हिन्दी व्याकरण में समास का शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप; अर्थात जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को हिन्दी...Read More !

विशेषण – परिभाषा, भेद और उदाहरण, Visheshan in Hindi

विशेषण (Visheshan in Hindi) संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि) बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं। जैसे - बड़ा, काला, लंबा, दयालु, भारी, सुन्दर, कायर, टेढ़ा-मेढ़ा, एक, दो आदि। महत्वपूर्ण...Read More !

रस – परिभाषा, भेद और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण, Ras in Hindi

Ras (रस)- रस क्या होते हैं? रस की परिभाषा रस : रस का शाब्दिक अर्थ है 'आनन्द'। काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस आनन्द की अनुभूति होती है, उसे रस कहा जाता है। काव्य में रस का वही स्थान है, जो शरीर में आत्मा का है। जिस प्रकार...Read More !

कारक – परिभाषा, भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरण, Karak in Hindi

कारक क्या होता है? संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसके सम्बन्ध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। हिन्दी में आठ कारक होते हैं- कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, सम्बन्ध, अधिकरण और सम्बोधन।...Read More !

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