Adverbs: Definition, Types, Usage and Examples


What Are Adverbs and How Are They Used in Sentences? Explore Their Definition, Types, and Examples for a Better Understanding in English Grammar.

What is an Adverb?

Just like an adjective gives us extra details about a noun in a sentence, an adverb is used to give us more information about the verb or the action happening in the sentence. It can also describe an adjective or another adverb.

Definition of Adverb:

An Adverb is a word which modifies the meaning of a Verb, and Adjective or another Adverbs used in the sentence.

क्रिया-विशेषण (Adverb) वह शब्द होता है जो Verb, Adjective तथा वाक्य में प्रयुक्त अन्य Adverb की विशेषता प्रकट करता है।

Adverb’s Definitions by the popular Dictionaries:

  • A word that adds more information about place, time, manner, cause or degree to a verb, an adjective, a phrase or another adverb. – Oxford Learner’s Dictionary
  • A word that describes or gives more information about a verb, adjective, adverb, or phrase. – Cambridge Dictionary
  • A word used to modify a verb, an adjective, or another adverb and often used to show degree, manner, place, or time. – Merriam-Webster Dictionary
  • A word such as ‘slowly’, ‘ now’, ‘very’, ‘politically’, or ‘ fortunately’ which adds information about the action, event, or situation mentioned in a clause. – Collins Dictionary

Examples of Adverb:

  • He worked the sum quickly. (quickly- क्रिया (Verb) worked को modify कर रहा है।)
  • This flower is very beautiful. (very- विशेषण (Adjective) beautiful को modify कर रहा है।)
  • She spoke quite correctly. (quite- क्रिया-विशेषण (Adverb) correctly को modify कर रहा है।)

Modify का अर्थ है- अर्थ में वृद्धि करना अर्थात विशेषता प्रकट करना। अतः उपर्युक्त वाक्यों में quickly, very और quite- Adverbs हैं।

अतः ADVERB (क्रिया-विशेषण) वह शब्द होता है जो-

  • किसी क्रिया (Verb) की विशेषता बताता है। जैसे- He works(verb) hard(adv.).
  • किसी विशेषण (Adjective) की विशेषता बताता है। जैसे- He is very(adv.) good(adj.).
  • किसी क्रिया-विशेषण (Adverb) की विशेषता बताता है। जैसे- She works very(adv.) hard(adv).
  • किसी Preposition की विशेषता बताता है। जैसे- The helicopter hovered exactly(adv.) over(prep.) his house.
  • किसी Conjunction की विशेषता बताता है। जैसे- He likes her simply(adv.) because(conj.) she has a clear conscience.
  • किसी वाक्य (Sentence) की विशेषता बताता है। जैसे- Fortunately(adv.), no one was hurt(sentence).

सामान्यतया Noun या Pronoun की विशेषता बताने का काम Adjective करते हैं, किन्तु कुछ ऐसे Adverb होते हैं, जो किसी Noun या Pronoun की विशेषता भी बताने का कार्य करते हैं। ये Adverb निम्न हैं- Only, Even, At last, Almost.

  • Only(adv.) Rohit(noun) can help you
  • Only(adv.) I(pronoun) know the truth.
  • Almost everyone in the class passed.
  • Rohan wins at last. or At last, Rohan wins.

Oxford Dictionary के अनुसार, “क्रिया-विशेषण वह शब्द है जो किसी Verb, Adjective तथा किसी अन्य Adverb की विशेषता प्रकट करे।” जैसे-

  1. Rama runs quickly.

इस वाक्य में quickly– Adverb है जो runs क्रिया की विशेषता प्रकट करता है।

अर्थात Quickly modifies the verb ‘runs’.

  1. This is a very sweet mango.

इस वाक्य में Very– Adverb है जो sweet विशेषण (Adjective) की विशेषता प्रकट करता है।

अर्थात Very modifies the Adjective ‘sweet’,

  1. Sita reads quite clearly.

इस वाक्य में quite Adverb है जो ‘clearly’ क्रिया-विशेषण (Adverb) की विशेषता प्रकट करता है।

अर्थात Quite modifies the Adverb ‘clearly’

नोट– विशेषता प्रकट करने के लिए अंग्रेजी भाषा में दो शब्दों-(i) Qualifies और (ii) Modifies का प्रयोग होता है। दोनों शब्दों के अर्थ समान है किन्तु व्याकरण की परम्परा के अनुसार Adjective ‘qualify’ करता है और Adverb ‘modify’ करता है।


क्रिया-विशेषण (Adverb) तीन प्रकार के होते हैं-

  1. Simple Adverb (सरल क्रिया-विशेषण)
  2. Relative Adverb (सम्बन्धवाचक क्रिया-विशेषण)
  3. Interrogative Adverb (प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण) ।


Simple Adverb द्वारा Time (समय), Place (स्थान), Number (संख्या) Manner (रीति या विधि), Degree or Quantity (परिमाण या मात्रा), Affirmation (स्वीकृति) तथा Negation (निषेध) को प्रकट किया जाता है।

Types of Simple Adverb:

  1. Adverb of Time
  2. Adverb of Place
  3. Adverb of Number
  4. Adverb of Manner
  5. Adverb of Degree or Quantity
  6. Adverb of Affirmation
  7. Adverb of Negation

1. Adverb of Time:

इस क्रिया-विशेषण से समय प्रकट होता है; जैसे-

  • I shall go tomorrow.
  • He will come today.
  • The end came soon.
  • We go to school daily.
  • You did it yesterday.

उपर्युक्त उदाहरणों में tomorrow, today, daily, soon, yesterday द्वारा कार्य के होने का समय ज्ञात हो रहा है। अतः ये शब्द ‘Simple Adverb of Time‘ हैं।

पहिचान– Simple Adverb of Time ज्ञात करने के लिए Verb में ‘कब (When)’ लगाइये।

स्पष्टीकरण– पहले वाक्य की क्रिया में कब लगाकर प्रश्न किया।

  • प्रश्न– मैं कब आऊँगा?, उत्तर– कल (Tomorrow).

अतः पहले वाक्य में Tomorrow- Simple Adverb of Time हुआ।

2. Adverb of Place:

इस क्रिया-विशेषण से स्थान प्रकट होता है, जैसे-

  • Mohan will come here.
  • Come in.
  • He looked up.
  • Sohan will go there.
  • Go out.

उपर्युक्त उदाहरणों में here, there, out, in और up द्वारा कार्य के होने का स्थान ज्ञात हो रहा है। अतः ये शब्द ‘Simple Adverb of Place‘ हैं।

पहिचान– Simple Adverb of Place ज्ञात करने के लिए Verb में ‘कहाँ (Where)’ लगाइये।

स्पष्टीकरण– पहले वाक्य की क्रिया में कहाँ लगाकर प्रश्न किया।

  • प्रश्न– मोहन कहाँ आयेगा ?, उत्तर– यहाँ (Here).

अतः पहले वाक्य में Here– Simple Adverb of Place हुआ।

3. Adverb of Number:

इस क्रिया-विशेषण से ज्ञात होता है कि कार्य कितनी बार (How often) हुआ; जैसे-

  • Mohan did it twice.
  • Always speak the truth.
  • The postman called again.
  • Rama has not seen Vijai once.

उपर्युक्त उदाहरणों में twice, again, always, once का प्रयोग Simple Adverb of Time की तरह हुआ है।

पहिचान– वाक्य की क्रिया में How often (कितनी बार) लगाने से Simple Adverb of Time ज्ञात होता है।

स्पष्टीकरण– पहले वाक्य की क्रिया में How often (कितनी बार) लगाकर प्रश्न किया।

  • प्रश्न– मोहन ने यह कार्य कितनी बार किया था? उत्तर– दो बार (Twice) ।

अतः Twice- Simple Adverb of Number हुआ ।

4. Adverb of Manner:

इस क्रिया-विशेषण से ज्ञात होता है कि कार्य किस प्रकार हुआ, जैसे-

  • The child slept soundly.
  • Sanjay speaks clearly.
  • The essay is well written.
  • The boy works hard.
  • The soldiers fought bravely.

उपर्युक्त उदाहरणों में soundly, clearly, well, hard और bravely- Simple Adverb of Manner हैं।

पहिचान-वाक्य की क्रिया में How या In what manner (कैसे या किस प्रकार) लगाने से Simple Adverb of Manner ज्ञात होता है।

स्पष्टीकरण– अन्तिम वाक्य की क्रिया में How (किस प्रकार) लगाकर प्रश्न किया।

  • प्रश्न– सैनिकों ने किस प्रकार युद्ध किया ? उत्तर– वीरतापूर्वक (Bravely).

अतः Bravely-Simple Adverb of Manner हुआ।

5. Adverb of Degree (या Quantity):

इस क्रिया-विशेषण से ज्ञात होता है कि कार्य कितनी मात्रा (Degree या Quantity या Extent) में हुआ है; जैसे-

  • The day is very hot.
  • You are quite wrong.
  • She sings pretty well.
  • These mangoes are almost ripe.

उपर्युक्त उदाहरणों में very, pretty, quite और almost का प्रयोग Simple Adverb of Degree or Quantity की तरह हुआ है।

पहिचान– वाक्य की क्रिया में How much लगाकर Simple Adverb of Degree ज्ञात होता है।

स्पष्टीकरण– पहले वाक्य की क्रिया में How much (कितना) लगाकर प्रश्न किया।

  • प्रश्न-दिन कितना गर्म है? उत्तर– बहुत (Very).

अत: Very- Simple Adverb of Degree हुआ।

6. Adverb of Affirmation:

इस क्रिया-विशेषण से स्वीकारात्मक भाव प्रकट होता है; जैसे-

  • He certainly went there.
  • Surely you are right.

उपर्युक्त उदाहरणों में certainly, surely का प्रयोग Simple Adverb of Affirmation की तरह हुआ है।

7. Adverb of Negation

इस क्रिया-विशेषण से निषेधात्मक भाव प्रकट होता है; जैसे-

  • I do not know.
  • He never said so.

उपर्युक्त उदाहरणों में not और never- Simple Adverb of Negation हैं।


सम्बन्धवाचक क्रिया-विशेषण (Relative Adverb) दो वाक्यों को जोड़ता है और अपने से पहले प्रयुक्त Noun की ओर संकेत करते हुए Time, Place, Reason और Manner स्पष्ट करता है; जैसे-

  • I know the time when he will come here.
  • Tell me the place where he was born.
  • Do you know the reason why he came here?

उपर्युक्त उदाहरणों में when, where, why- Relative Adverb हैं।

Functions of Relative Adverb

सम्बन्धवाचक क्रिया-विशेषण के तीन कार्य हैं-

  1. Adverb की तरह Verb की विशेषता प्रकट करना ।
  2. अपने पूर्ववर्ती (Antecedent) Noun के साथ सम्बन्ध प्रकट करना।
  3. दो विभिन्न वाक्यों (Sentences) को मिलाना।

उपर्युक्त कार्यों को समझने के लिए निम्नलिखित वाक्य को पढ़िए-

  • I know the time when he will come here.

इस वाक्य में when- Relative Adverb है ।

  1. (A) When द्वारा दो वाक्य जोड़े गये हैं- (a) I know the time, तथा (b) He will come here. इन्हीं दो वाक्यों को मिलाकर I know the time when he will come here बना है।
  2. (B) When द्वारा Time से सम्बन्ध स्थापित किया गया है। Time-Noun है। इसे when का Antecedent (पूर्ववर्ती) कहेंगे।
  3. (C) When द्वारा वाक्य की क्रिया-will come की विशेषता प्रकट की गयी है।


प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण का प्रयोग बाक्य के आरम्भ में आकर प्रश्न पूछने (Asking Question) के लिए किया जाता है, जैसे-

  • Where are you going?
  • When will you go to Agra?
  • Why are you sad?
  • How did he pass?

उपर्युक्त उदाहरणों में When, Where, Why, How- प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण (Interrogative Adverb) हैं क्योंकि इनका प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए हुआ है।

अतः जिन Adverbs से प्रश्न पूछना ज्ञात हो, उन्हें प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण कहा जाता है।

Functions of Interrogative Adverb

प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण के कार्य को समझने के लिए निम्न वाक्य को पढ़िए-

  • Where are you going?

इस वाक्य में Where से प्रश्न आरम्भ किया गया है।

इस वाक्य में Where– are going (क्रिया) की विशेषता प्रकट करता है।

अतः प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण निम्न दो प्रकार के कार्य करता है-

  1. वाक्य की क्रिया की विशेषता प्रकट करना (अर्थात Verb को Modify करना) ।
  2. वाक्य के आरम्भ में आकर Question आरम्भ करना ।

ध्यान दीजिए कि-

  1. Interrogative Adverb में केवल चार शब्दों- When, Where, Why, How का ही प्रयोग होता है।
  2. ये शब्द वाक्य के आरम्भ में आते हैं।
  3. इन शब्दों से बनने वाले वाक्य के अन्त में प्रश्नवाचक चिन्ह लगा होता है।
  4. इनसे पहले कोई Noun नहीं आता है।
  5. इन शब्दों का प्रयोग Simple Sentence में ही होता है।

Simple Vs. Interrogative Vs. Relative Adverbs

Simple Adverb और Interrogative Adverb वाले वाक्य प्रायः Simple होते हैं जबकि Relative Adverb वाले वाक्य Complex होते हैं।

Relative Adverb वाक्य के मध्य में आता है जबकि Interrogative Adverb वाक्य के आरम्भ में आता है।

Simple Adverb का कार्य केवल Verb, Adjective, Adverb, Preposition तथा Conjunction के अर्थ में वृद्धि करना है। इसके विपरीत Relative Adverb दो वाक्यों को मिलाता है और Interrogative Adverb प्रश्न प्रकट करने का अतिरिक्त कार्य भी करता है।


Adjective (विशेषण) Noun और Pronoun के अर्थ में वृद्धि करता है। Adverb (क्रिया-विशेषण) Noun, Pronoun और Interjection को छोड़कर शेष सभी Parts of Speech के अर्थ में कुछ न कुछ वृद्धि करता है। इस दृष्टिकोण से Adjective और Adverb दोनों ही विशेषता प्रकट करने वाले शब्द हैं। व्याकरण की भाषा में Adjective ‘Qualify‘ करता है और Adverb ‘Modify‘ करता है अत: दोनों का कार्यक्षेत्र समान ही है।

जिस प्रकार Adjective की तीन तुलनात्मक अवस्थायें (Degrees of Comparison) हैं, उसी प्रकार Adverb की भी तीन तुलनात्मक अवस्थायें हैं-

  1. Positive Degree
  2. Comparative Degree
  3. Superlative Degree

1. Positive Degree:  वह Degree (अवस्था) है जिससे एक व्यक्ति या वस्तु के कार्य करने की विधि ज्ञात होती है; जैसे-

  • Rama runs fast.
  • Rahim came early.

2. Comparative Degree: वह Degree है जिससे दो व्यक्तियों या वस्तुओं के कार्य करने की विधि की तुलना की जाती है; जैसे-

  • Mohan runs faster than Rajesh.
  • Umesh came earlier than Gopal.

3. Superlative Degree: वह Degree है जिसमें दो से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं के मध्य उनकी कार्यविधि की तुलना की जाती है; जैसे-

  • Mohan runs fastest of all.
  • Umesh came earliest of all.


  1. Now, Then, Where, There, Once आदि कुछ ऐसे Adverbs हैं जिनकी तुलना नहीं की जा सकती है।
  2. केवल Adverb of Manner, Adverb of Degree तथा Adverb of Time की ही तुलनात्मक अवस्थायें होती हैं।


Positive से Comparative और Superlative Degree बनाने के नियम निम्नलिखित हैं-

नियम 1. कुछ क्रिया-विशेषणों के अन्त में ‘er’ जोड़ने पर Comparative तथा ‘est’ जोड़ने पर Superlative Degree के क्रिया-विशेषण बन जाते हैं, जैसे-

Positive Comparative Superlative
Hard harder hardest
Fast faster fastest
Long longer longest
Soon sooner soonest
Slow slower slowest
Near nearer nearest

नियम 2. कुछ क्रिया-विशेषणों के अन्त में ‘ly‘ होता है। ऐसे क्रिया-विशेषणों के आरम्भ में more बढ़ाने से Comparative और most बढ़ाने पर Superlative Degree के क्रिया-विशेषण बन जाते हैं; जैसे-

Positive Comparative Superlative
Clearly. more clearly most clearly
Slowly more slowly most slowly
Swiftly more swiftly most swiftly

नियम 3. निम्नलिखित क्रिया-विशेषणों की तुलनात्मक अवस्थायें बनाने के लिए कोई निश्चित नियम नहीं है। ऐसे क्रिया-विशेषणों में शब्द-परिवर्तन ही किया जाता है; जैसे-

Positive Comparative Superlative
Badly worse worst
Well worse worst
Little better best
Far less least
Late farther farthest
Much later latest, last

Usage of Degrees of Adverb:

निम्नलिखित वाक्यों में Adverb की Degrees के प्रयोगों को पढ़िए-

  1. Rama writes well. (Positive Degree)
    Hari writes better than Rama. (Comparative Degree)
    Sohan writes best of all. (Superlative Degree)
  2. Do you work much? (Positive Degree)
    I work more than you. (Comparative Degree)
    Surjit works most of the three of us. (Superlative Degree)
  3. The crow flies swiftly. (Positive Degree)
    The hawk flies more swiftly than the crow. (Comparative Degree)
    Pigeons fly most swiftly of all birds. (Superlative Degree)


क्रिया-विशेषण की स्थिति (Position) के विषय में सामान्य नियम (General Rule) यह है कि Adverb जिस शब्द की विशेषता प्रकट करे, उसे उसी के पास रखना चाहिए।

Adverb के प्रयोग की तीन Positions (स्थितियाँ) हैं जो निम्नलिखित हैं-

  1. Front Position (वाक्य के आरंभ में)
  2. Mid Position (वाक्य के मध्य में)
  3. End Position (वाक्य के अंत में)

1. Front Position: इस स्थिति में Adverb का प्रयोग वाक्य के आरम्भ में होता है; जैसे-

  • Where do you live?
  • When will he come?
  • Why did he say so?
  • How are you?

2. Mid Position: इस स्थिति में Adverb का प्रयोग वाक्य के मध्य में होता है; जैसे

  • I never smoke.
  • The sun always rises in the east.
  • This is the house where I was born.
  • You are very fat.
  • He came just at five.
  • He is never late.

3. End Position: इस स्थिति में Adverb का प्रयोग वाक्य के अन्त में होता है, जैसे-

  • He came here.
  • You will go there.
  • He ran fast.
  • All the boys in this class work well.
  • She spoke fluently.

VERB के अनुसार ADVERB की स्थिति

वाक्य की क्रिया के अनुसार Adverb की स्थिति निश्चित होती है अतः Adverb की स्थिति ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित नियमों पर ध्यान दीजिए-

RULE 1. Adverb का प्रयोग अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb) के बाद में होता है, जैसे-

  • He is late.
  • You have come here.
  • Sit down.
  • She is out.
  • He writes well.
  • You played carelessly.

RULE 2. Adverb का प्रयोग Transitive Verb के Object (कर्म) के पश्चात होता है, जैसे-

  • You helped Akash very much.
  • Have you heard it before?
  • You should do it again.
  • I hurt my knee yesterday.

RULE 3. Adverb of Degree (Almost, Quite, Just, Too, Nearly आदि) जब किसी विशेषण या अन्य क्रिया-विशेषण की विशेषता प्रकट करते हैं तब वे उन Adjectives तथा Adverb से पहले आते हैं; जैसे-

  • His answer is quite wrong.
  • He is perfectly right.
  • These mangoes are almost ripe.
  • I am rather busy.
  • She is too careless.
  • Vina sings pretty well.
  • Do not speak so fast.
  • The dog is nearly dead.

RULE 4. Enough के प्रयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। Enough उस शब्द के पश्चात आता है जिसकी विशेषता उसके द्वारा प्रकट होती है; जैसे-

  • He spoke loud enough to be heard.
  • This book is good enough for my need.
  • You know well enough my intention.
  • She is old enough to know better.

RULE 5. Adverb of Number (Always, Never, Ever, Often, Usually, Rarely, Sometimes, Seldom) सामान्यतया Full Verb ‘be’ के बाद रखे जाते हैं, किन्तु अन्य Full Verbs से पहले प्रयुक्त होते हैं; जैसे-

  • You are never late.
  • He always tries to do his best.
  • He seldom comes here.
  • I am usually busy in April.
  • The sun always rises in the east.
  • The principal is seldom out.

RULE 6. Adverb of Manner (Slow, Fast, Hard, Foolishly, Quietly आदि) तथा Adverb of Place (Here, There, Somewhere, Anywhere, Everywhere) सामान्यतया Object के बाद आते हैं; जैसे-

  • The thief entered the room quietly.
  • I could not find my book anywhere.
  • He has seen me somewhere.

RULE 7. यदि कोई क्रिया सहायक क्रिया और मुख्य से मिलकर बनी है, तो Adverb का प्रयोग सहायक क्रिया के बाद में होता है; जैसे-

  • I have not done it.
  • You will certainly miss the train.
  • We were very kindly received.
  • Rome was not built in a day.
  • He did not know my address.
  • He could not speak.


Very तथा Much के प्रयोग में अन्तर एवं समानता:

(A) Very का प्रयोग Positive degree के साथ होता है। जैसे- very good, very wise, very lucky, very honest लेकिन much का Comparative Degree के साथ; जैसे: much better, much wiser, much luckier, much more honest etc.

नोट: Very much + comparative degree का प्रयोग होता है; जैसे- Very much better, very much wiser, very much luckier etc.

(B) Very या much का प्रयोग Superlative Degree के साथ भी होता है।

  • The very best boy.

(C) Very का प्रयोग Present Participle के पहले होता है; जैसे: very interesting, very daring, very confusing, very boring, very entertaining. किन्तु much का Past Participle के साथ; जैसे: much surprised, much grieved, much admired etc.

नोट: Very का प्रयोग Past Participle के पहले नहीं होता है किन्तु निम्नलिखित Past Participles के पहले Very का प्रयोग होता है, जैसे- very tired, very dejected, very contented, very discontented, very pleased, very drunk, very limited, very delighted.

Quite का अर्थ है ‘perfectly या completely’ (पूर्णतया, पूर्णरूपेण) और इसका प्रयोग ‘very’ की जगह नहीं होता है। अतः

  • She is quite lovely. (Incorrect)
  • You are quite handsome. (Incorrect)

इन वाक्यों का शुद्ध रूप है-

  • She is very lovely.
  • You are very handsome.

Fairly और  Rather

(A) Fairly का प्रयोग Positive Degree के साथ होता है। जैसे: fairly wise, fairly good etc. किन्तु, Rather का प्रयोग Positive तथा Comparative Degree के साथ होता है; जैसे: rather bad, rather difficult; rather worse, rather hotter, etc.

(B) Fairly के बाद too का प्रयोग नहीं होता है जबकि Rather के बाद too का प्रयोग भी होता है; जैसे: fairly too good कहना गलत है। लेकिन, rather too good कहना बिल्कुल सही है।

(C) Fairly के बाद Pleasant Adjectives का प्रयोग होता है; जैसे: fairly wise, fairly beautiful, etc.

Rather unpleasant adjectives ; rather wicked, rather difficult, rather troublesome, rather dull etc. किन्तु, rather amusing, rather good, rather clever, rather pretty, rather beautiful का प्रयोग किया जा सकता है।

Too का प्रयोग

(A) Too का अर्थ है also, जैसे:-

  • I too was invited to tea.

(B) Too का अर्थ है more than required (आवश्यकता से अधिक), इसका प्रयोग Unpleasant Adjectives के साथ होता है। जैसे: too bad, too naughty, too wicked, too fat, too dull, etc.

अत: too glad, too happy, too pleased, too healthy आदि कहना गलत है।

I am too glad to meet you का अर्थ है ‘मैं आपसे मिलकर इतना खुश हूँ जितना नहीं होना चाहिए’। इस वाक्य का शुद्ध रूप होगा-

  • I am very glad to meet you.

(C) Too . . . to पर आधारित वाक्यों में too के बाद अर्थ के अनुसार Pleasant Adjective का प्रयोग भी हो सकता है।

  • He is too intelligent to be cheated. (=He is so intelligent that he cannot be cheated.)

Too + Adjective

  • He is too tall. (वह इतना ज्यादा लंबा है जितना नहीं होना चाहिए।)
  • She is too slim. (वह इतनी ज्यादा दुबली-पतली है जितना नहीं होना चाहिए।)
  • It is too cold. (इतनी अधिक ठंड है जितना नहीं होना चाहिए।)

Verb + Adjective

  • He is very tall. (वह बहुत लंबा है।)
  • She is very slim. (वह बहुत दुबली-पतली है।)
  • It is very cold. (बहुत ठंड है।)

So का प्रयोग

‘So’ का प्रयोग ‘very’ के स्थान पर नहीं हो सकता। ‘So’ के बाद ‘that’ का एवं ‘Too’ के बाद ‘to’ का प्रयोग किया जाता है। जैसे:

  • I am so happy. (Incorrect)
  • I am very happy. (Correct)
  • I am so happy that I am unable to control my feelings. (Correct)

Enough का प्रयोग

‘Enough’ adjective एवं adverb दोनों ही रूप में कार्य कर सकता है। जब ‘enough’ adverb का कार्य करता है तो इसका प्रयोग उस adjective के बाद होता है जिसके लिए ये प्रयुक्त हुआ हो। Adjective के रूप में इसका प्रयोग उस Noun के पहले होता है जिसके लिये ये प्रयुक्त हुआ है।

इसका प्रयोग Noun से पहले परंतु Adjective या Adverb के तुरंत बाद किया जाता है। जैसे:

  • She is wise enough to understand your intention. (Incorrect)
  • She is enough wise to understand your intention. (Correct)
  • He has enough money to buy this car. (Correct)

Positive Degree + enough: Enough के पहले हमेशा Adjective या Adverb के Positive Degree का प्रयोग होता है।

  1. He is faster enough to defeat you. (Incorrect)
  2. He is intelligent enough to be selected for the post of lecturer. (Incorrect)

पहले वाक्य में faster के बदले fast तथा दूसरे वाक्य में bravest के बदले brave का प्रयोग होगा क्योंकि Positive Degree + enough का प्रयोग होता है।

Yet का प्रयोग

Yet का प्रयोग ‘अब तक’ अर्थात् ‘बोलने के समय तक’ (up to the moment/time of speaking) के अर्थ में Interrogative तथा Negative Sentence में verb के बाद या verb + object के बाद होता है।

नोट: Yet का प्रयोग present perfect के negative वाक्य में होता है न कि Past Tense में। जैसे-

  • The postman did not come yet.
  • The postman has not come yet.
  • Didn’t the postman come yet?
  • Hasn’t the postman come yet?

Too much एवं Much too

Too Much के बाद noun का प्रयोग होता है। लेकिन Much too के बाद adjective का प्रयोग होता है, जैसे-

  • He is too much worried. (Incorrect)
  • He is much too worried. (Correct)
  • I have too much work to do. (Correct)


  1. Else‘ के बाद ‘but’ का प्रयोग करें-
    • It is nothing else but sheer foolishness.
    • Rohit has no one else to talk to except his wife. (Use ‘but’ in place of ‘except’)
  2. Rather‘, ‘Other‘ एवं ‘otherwise‘ के बाद ‘than’ का प्रयोग करें-
    • I would rather die than beg.
    • Rahul had no other alternative than to work hard.
  3. Adverbs ‘Seldom, nowhere, never, nothing, hardly, scarcely, neither, barely, rarely‘ के अर्थ नकारात्मक होते है। अतः इनका प्रयोग किसी दूसरे नकारात्मक शब्द के साथ न करें।
    • I rarely went to meet nobody. (Use ‘anybody’ in place of ‘nobody’)
    • She hardly knows nothing about me. (Use ‘anything’ in place of ‘nothing’)
    • I hardly know somebody in the city. (Say ‘anybody’ in place of ‘somebody’)
  4. Negative, शब्द जैसे ‘not‘ एवं ‘never‘ का प्रयोग  ‘deny, forbid, Unless, Until, lest, too…to और ‘both’ के साथ न करें।
    • She denied that she had not done anything wrong. (remove ‘not’)
    • Both of us are not going there. (Incorrect)
    • Neither of us is going there. (Correct)
    • Unless he will not come, I will not go. (Incorrect)
    • Unless he comes, I will not go. (Correct)
    • He did not deny that he was present at the scene of crime. (Correct)
  5. Adverb ‘as‘ का प्रयोग आगे दिए गये verbs के साथ किया जा सकता है, ‘regard, describe, define, treat, view, know’.
    • I regard him my brother. (Add ‘as’ after ‘him’)
    • Biology has been defined the study of organism. (Add ‘as’ after ‘defined’)
  6. Adverb ‘as‘ का प्रयोग आगे दिए गये verbs के साथ न करें, ‘name, elect, think, consider, call, appoint, make, choose.’ e.g.,
    • She is considered as the best student of my class. (Drop ‘as’ after ‘considered’)
    • The teacher called him as stupid. (Drop ‘as’)
    • The principal appointed him as lecturer. (Remove ‘as’)
    • He thinks her as a fool. (Remove ‘as’)
  7. वाक्य में ‘adverb’ के बाद ‘Helping verb’ का प्रयोग करें और फिर ‘subject’ का-
    • Seldom he comes to Delhi. (x)
    • Seldom does he come to Delhi. (Correct)
    • Never I’ll go there. (Incorrect)
    • Never shall I go there. (Correct)
    • No sooner she reached the station than the train left. (Incorrect)
    • No sooner did she reach the station than the train left. (Correct)
    • Hardly she had reached the station when the train arrived. (Incorrect)
    • Hardly had she reached the station when the train arrived. (Correct)
    • So quickly she ran that she overtook her friends. (Incorrect)
    • So quickly did she run that she overtook her friends. (Correct)
    • His wife comes here and so does he. (Correct)
    • He doesn’t know any one here and neither do I. (Correct)
  8. Too‘ and ‘as well’ का प्रयोग ‘Besides’, in ‘addition to’, ‘also’ के रूप में affirmative sentences में किया जाता है। ‘Also’ का प्रयोग वाक्य के अंत में नहीं करना चाहिए।
    • She found her bag and money too/as well.
  9. Seldom or never‘, ‘seldom, if ever‘, ‘little or nothing‘, ‘little, if anything‘ का प्रयोग वाक्य में किया जाता है परन्तु ‘seldom or ever‘ या ‘little or anything‘ कहना गलत होगा।
    • He seldom or never goes to see movies.
  10. Verbs of sensation (Taste, Smell, Feel, Appear, Seem, Sound, एवं Look) हमारे पांचों इंद्रियों से संबंधित होते हैं। इनके बाद adverb नहीं adjective का प्रयोग करें। जैसे:-
    • I look honest.
    • I work honestly.
    • I felt bad.
    • I sing badly.
  11. कुछ अन्य Verbs जिनके साथ adverb नहीं adjective का प्रयोग होता है वे हैं- be, become, turn, get, grow, keep, make और prove.
    • He got angry.
  12. Manly, masterly, slovenly, friendly, orderly, gentlemanly, sickly, weekly, monthly– Adjectives हैं। ‘ly’ अंत में होने के वजह से हम इन्हें adverb मानने की भूल कर बैठते हैं।
    • He behaved friendly. (Incorrect)
    • He behaved in a friendly manner. (Correct)

Frequently Asked Questions on Adverbs in English

What is an adverb?
An adverb is a word that modifies or describes a verb, adjective, or other adverb. It provides additional information about how, when, where, or to what extent an action or quality is happening.

How do adverbs modify verbs?
Adverbs modify verbs by providing information about how an action is performed. For example, in the sentence “She ran quickly,” the adverb “quickly” modifies the verb “ran” by indicating the manner in which the action of running was performed.

What are some examples of adverbs that describe manner?
Adverbs that describe manner provide information about how an action is performed. Examples include: quickly, slowly, carefully, happily, quietly, loudly, easily, etc.

How do adverbs modify adjectives?
Adverbs modify adjectives by providing information about the degree or intensity of the quality described by the adjective. For example, in the sentence “He is extremely intelligent,” the adverb “extremely” modifies the adjective “intelligent” by indicating the degree of intelligence.

What are some examples of adverbs that describe degree or intensity?
Adverbs that describe degree or intensity provide information about the extent or level of a quality. Examples include: very, extremely, quite, highly, terribly, moderately, etc.

Can adverbs modify other adverbs?
Yes, adverbs can modify other adverbs to provide additional information about the manner, degree, or intensity of an action or quality. For example, in the sentence “He ran very quickly,” the adverb “very” modifies the adverb “quickly” by intensifying the speed of the running.

How do adverbs modify sentences?
Adverbs can modify entire sentences to indicate the speaker’s attitude, viewpoint, or evaluation. They often appear at the beginning or end of a sentence. For example, “Fortunately, the weather cleared up” or “She finished her assignment. Finally.”

What are some examples of adverbs that modify sentences?
Adverbs that modify sentences include: fortunately, unfortunately, clearly, frankly, hopefully, honestly, thankfully, etc.

Can adverbs have comparative and superlative forms?
Yes, many adverbs have comparative and superlative forms to indicate a higher or lower degree of the quality they describe. For example, the adverb “quickly” has the comparative form “more quickly” and the superlative form “most quickly.”

Can adverbs be used to ask questions?
Yes, adverbs can be used to ask questions about the manner, place, time, or frequency of an action. For example, “How did she run?” or “When will you arrive?”

1 Comment

  1. You have done 👍 a very good job not knowing part of speech is very big draw back of mine but after reading this i am satisfied

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