आकर शब्द के रूप – Aakar Ke Shabd Roop – Sanskrit

आकर शब्द रूप (Aakar Shabd)

आकर शब्द (खान, उत्पत्ति स्थान, ख़ज़ाना, कोष, mine, treasure): अकारांत पुंल्लिंग शब्द , इस प्रकार के सभी अकारांत पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। संस्कृत में राम, देव, गज, मानव, असुर, अश्व, सूर्य, ब्राह्मण, वृक्ष, क्षत्रिय, शूद्र, बालक, वानर, ईश्वर, दिवस, छात्र, लोक, भक्त, शिष्य, इत्यादि अकारांत पुल्लिंग संज्ञा शब्द हैं।

आकर के शब्द रूप – Aakar Shabd Roop

आकर के शब्द रूप (Shabd roop of Aakar in Sanskrit) इस प्रकार हैं:

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा आकरः आकरौ आकराः
द्वितीया आकरम् आकरौ आकरान्
तृतीया आकरेण आकराभ्याम् आकरैः
चतुर्थी आकराय आकराभ्याम् आकरेभ्यः
पंचमी आकरात्/आकराद् आकराभ्याम् आकरेभ्यः
षष्ठी आकरस्य आकरयोः आकराणाम्
सप्तमी आकरे आकरयोः आकरेषु
सम्बोधन हे आकर हे आकरौ हे आकराः

अकारांत पुल्लिंग संज्ञा शब्द वे शब्द होते हैं जो “अ” (अकार) पर समाप्त होते हैं और पुल्लिंग होते हैं। उदाहरण: रामः (राम), सिंहः (सिंह), बालः (बालक), छात्रः (छात्र), अश्वः (घोड़ा), राजा (राजा), मित्रः (मित्र), देवः (देवता), ग्रामः (गांव)।

अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप एवम् धातु रूप

संस्कृत व्याकरण एवं भाषा में शब्द रूप अति महत्व रखते हैं, और धातु रूप (Dhatu Roop) भी बहुत ही आवश्यक होते हैं। महत्वपूर्ण शब्द रूप की Shabd Roop List देखें और साथ में shabd roop yad karane ki trick भी, सभी शब्द रूप संस्कृत में।

संस्कृत में अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप:

स्वरान्त शब्द रूप:

व्यञ्जनान्त शब्द रूप:

सर्वनाम शब्द रूप:

संख्यावाची शब्द रूप:

हमें पूर्ण विश्वास है कि आपको ये 'आकर शब्द रूप' समझ आए होंगे। यदि इस पोस्ट से संबंधित अन्य कोई प्रश्न या समस्या है, तो कमेन्ट बॉक्स में अवश्य सूचित करें। सम्पूर्ण संस्कृत व्याकरण पढ़ने के लिए संस्कृत व्याकरण पर जाएं। धन्यवाद!

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