हिन्दी की विधाओं की प्रथम रचना – हिन्दी में प्रथम

HINDI KI VIDHAO KI PRATHAM RACHNA

विधा की प्रथम रचना या हिन्दी की विभिन्न विधाओं की प्रथम रचनाएँ अक्सर विभिन्न बोर्ड की परीक्षाओं एवं अन्य हिन्दी की परीक्षाओं में पूछी जाती हैं।

हिन्दी साहित्य का आरम्भ कुछ विद्वान् चंदबरदाई (पृथ्वीराज रासो) से मानते हैं, तो कुछ शालिभद्र सूरि (भरतेश्वर बाहुबली रास), सरहप्पा (दोहाकोष), गोरखनाथ, स्वयम्भू से, राहुल सांकृत्यायन ने हिंदी का प्रथम कवि जैन साहित्य के सरहपा को माना है जिनका जन्मकाल 7वी सती माना जाता है। परन्तु हजारीप्रसाद द्विवेदी ने हिंदी का प्रथम कवि अब्दुर्हमान को माना है। ये मुलतान के निवासी और जाति के जुलाहे थे। इनका समय 1010 ई० है। इनकी कविताएँ अपभ्रंश में हैं।

हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं की हिन्दी में प्रथम रचनाएँ इस प्रकार हैं-

विभिन्न विधाओं की प्रथम रचना

खड़ी बोली हिन्दी गद्य की प्रथम रचना

खड़ी बोली हिन्दी गद्य की प्रथम रचना “गोरा बादल की कथा” है। इसका रचनाकाल 1623 ई. है। इसके रचनाकार या लेखक “जटमल” हैं।

हिन्दी का पहला नाटक

हिन्दी का पहला नाटकनहुष” है। इसका रचनाकाल 1857 ई. है। इसके रचनाकार या लेखक “गोपाल चन्द्र गिरधरदास” हैं।

हिन्दी की पहली कहानी

हिन्दी की पहली कहानीइन्दुमती” है। इसका रचनाकाल 1900 ई. है। इसके रचनाकार या लेखक “किशोरीलाल गोस्वामी” हैं।

हिंदी का पहला उपन्यास

हिंदी का पहला उपन्यासपरीक्षा गुरु” है। इसका रचनाकाल 1882 ई. है। इसके रचनाकार या लेखक “लाला श्रीनिवासदास” हैं।

हिन्दी का पहला यात्रा-वृत्त

हिन्दी का पहला यात्रा-वृत्तसरयू पार की यात्रा” है। इसका रचनाकाल 1871 ई. है। इसके रचनाकार या लेखक “भारतेन्दु हरिश्चन्द्र” हैं।

Hindi Me Pratham

कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

हिन्दी का प्रथम महाकवि – चन्दबरदाई।

हिन्दी का प्रथम महाकाव्य -पृथ्वीराजरासो।

हिन्दी का प्रथम ग्रंथ -पउमचरिउ (स्वयंभू द्वारा रचित)।

हिन्दी का पहला समाचार पत्र -उदन्त मार्तण्ड (जुगलकिशोर शुक्ल)।

हिन्दी की प्रथम पर्यावरण पत्रिका -पर्यावरण डाइजेस्‍ट ( संपादक – डॉ. खुशाल सिंह पुरोहित )।

समीक्षामूलक हिन्दी का प्रथम मासिक – साहित्य संदेश (आगरा, सन् 1936 से 1942 तक)।

हिन्दी का प्रथम आत्मचरित – अर्धकथानक (कृतिकार हैं, जैन कवि बनारसीदास (कवि)।

हिन्दी का प्रथम व्याकरण – उक्ति-व्यक्ति-प्रकरण (दामोदर पण्डित)।

हिन्दी व्याकरण के पाणिनी – किशोरीदास वाजपेयी।

हिन्दी का प्रथम मानक शब्दकोश – हिन्दी शब्दसागर।

हिन्दी का प्रथम विश्वकोश – हिन्दी विश्वकोश।

हिन्दी की प्रथम आधुनिक कविता – ‘स्वप्न’ (महेश नारायण द्वारा रचित)।

मुक्तछन्द का पहला हिन्दी कवि – महेश नारायण।

हिन्दी का प्रथम काव्य-नाटक – ‘एक घूँट’ (जयशंकर प्रसाद ; 1915 ई.)।

हिन्दी के प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता – माखनलाल चतुर्वेदी (1955 में हिमतरंगिनी के लिए)।

हिन्दी का प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता -सुमित्रानंदन पंत (1968)(चिदम्बरा के लिये प्राप्त हुआ)।

हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास – भक्तमाल / इस्त्वार द ल लितरेत्यूर ऐन्दूई ऐन्दूस्तानी (अर्थात “हिन्दुई और हिन्दुस्तानी साहित्य का इतिहास”, लेखक गार्सा-द-तासी)।

हिन्दी में प्रथम जीवनी – भक्तमाल (1585 ई० नाभादास)।

हिन्दी कविता के प्रथम इतिहासग्रन्थ के रचयिता – शिवसिंह सेंगर ; (रचना – शिवसिंह सरोज)।

हिन्दी साहित्य का प्रथम व्यवस्थित इतिहासकार – आचार्य रामचंद्र शुक्ल।

हिन्दी की प्रथम चलचित्र फिल्म (मूवी) – सत्य हरिश्चन्द्र।

हिन्दी की पहली बोलती फिल्म (टाकी) – आलम आरा।

देवनागरी के प्रथम प्रचारक – गौरीदत्त।

हिन्दी साहित्य का प्रथम राष्ट्रगीत के रचयिता – पं. गिरिधर शर्मा ‘नवरत्न’।

हिन्दी का प्रथम अर्थशास्त्रीय ग्रंथ – “संपत्तिशास्त्र” (महावीर प्रसाद द्विवेदी)।

हिन्दी के प्रथम बालसाहित्यकार – श्रीधर पाठक (1860 – 1928)।

हिन्दी की प्रथम वैज्ञानिक पत्रिका – सन् 1913 से प्रकाशित विज्ञान (विज्ञान परिषद् प्रयाग द्वारा प्रकाशित)।

छपाई के लिए नागरी टाइपों का निर्माण करने वाला प्रथम व्यक्ति- चार्ल्स विल्किन्स (1750-1836 ई.)।

खड़ीबोली के गद्य की प्रथम पुस्तक – लल्लू लाल जी की प्रेम सागर (हिन्दी में भागवत का दशम् स्कन्ध)।

हिन्दी की प्रथम विज्ञान-विषयक पुस्तक – 1847 में स्कूल बुक्स सोसाइटी, आगरा ने ‘रसायन प्रकाश प्रश्नोत्तर’ का प्रकाशन किया।।

हिन्दी का प्रथम संगीत-ग्रन्थ – मानकुतूहल (ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर द्वारा रचित, १५वीं शती)।

प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन – 1975 में नागपुर में।

हिन्दी साहित्य का प्रथम महाकाव्य – पृथ्वीराज रासो।

खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य – प्रियप्रवास (अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्वारा रचित)।

हिन्दी के सर्वप्रथम गीतकार – विद्यापति।

हिन्दी की आदि कवियत्री – मीराबाई।

हिन्दी की प्रथम कहानी लेखिका – बंग महिला (राजेन्द्र बाला घोष)।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रथम हिन्दी विभागाध्यक्ष- श्यामसुन्दर दास।

हिन्दी के प्रथम कोशकार/शब्दकोशकार – अमीर खुसरो (‘खलिक-ए-बारी’- द्विभाषी फारसी-हिन्दवी कोश)।

हिन्दी माध्यम से सम्पूर्ण शिक्षा देने वाली देश की पहली संस्था – गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार।

हिन्दी का प्रथम अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय –महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र)।

ब्रजभाषा गद्य की प्रथम रचना – शृंगाररसमण्डन (गोसाईं विट्ठलनाथ)।


हिन्दी साहित्य का आरम्भ कुछ विद्वान् चंदबरदाई से मानते हैं; तो कुछ शालिभद्र सूरि, सरहप्पा, गोरखनाथ, स्वयम्भू से। राहुल सांकृत्यायन ने हिंदी का प्रथम कवि जैन साहित्य के रचयिता सरहपा को माना है जिनका जन्मकाल 8वीं सती माना जाता है। परन्तु हजारीप्रसाद द्विवेदी ने हिंदी का प्रथम कवि अब्दुर्हमान को माना है। इनका समय 1010 ई० है। इनकी कविताएँ अपभ्रंश में हैं।

हिन्दी की सर्वप्रथम कहानी कौन सी है, इस विषय में विद्वानों में जो मतभेद शुरू हुआ था वह आज भी जैसे का तैसा बना हुआ है। हिन्दी की सर्वप्रथम कहानी समझी जाने वाली कड़ी के अर्न्तगत सैयद इंशाअल्ला खाँ की ‘रानी केतकी की कहानी‘ सन् 1803, राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद की ‘राजा भोज का सपना‘ (19वीं सदी), किशोरी लाल गोस्वामी की ‘इन्दुमती‘ सन् 1900, माधवराव की ‘एक टोकरी भर मिट्टी‘ सन् 1901, आचार्य रामचंद्र शुक्ल की ‘ग्यारह वर्ष का समय‘ सन् 1903 और बंग महिला की ‘दुलाई वाली‘ सन् 1907 नामक कहानियाँ आती हैं।

कामताप्रसाद गुरु द्वारा रचित “हिन्दी व्याकरण” का प्रकाशन सर्वप्रथम नागरीप्रचारिणी सभा, काशी में अपनी लेखमाला में सं. 1974 से सं. 1976 विक्रमी के बीच किया और जो सं. 1980 ई. में पहली बार सभा से पुस्तक की रूप में प्रकाशित हुआ।

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