तस्थिवस् शब्द के रूप – Tasthivas Ke Shabd Roop – Sanskrit

Tasthivas Shabd

तस्थिवस् शब्द (जो खड़ा है, खड़ा है): तस्थिवस् शब्द के सकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, तस्थिवस् (Tasthivas) शब्द के अंत में “स्” का प्रयोग हुआ इसलिए यह सकारान्त हैं। अतः Tasthivas Shabd के Shabd Roop की तरह तस्थिवस् जैसे सभी सकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। तस्थिवस् शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Tasthivas Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

तस्थिवस् के शब्द रूप – Shabd roop of Tasthivas

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा तस्थिवान् तस्थिवांसौ तस्थिवांसः
द्वितीया तस्थिवांसम् तस्थिवांसौ तस्थुषः
तृतीया तस्थुषा तस्थिवद्भ्याम् तस्थिवद्भिः
चतुर्थी तस्थुषे तस्थिवद्भ्याम् तस्थिवद्भ्यः
पंचमी तस्थुषः तस्थिवद्भ्याम् तस्थिवद्भ्यः
षष्ठी तस्थुषः तस्थुषोः तस्थुषाम्
सप्तमी तस्थुषि तस्थुषोः तस्थिवत्सु
सम्बोधन हे तस्थिवान् ! हे तस्थिवांसौ ! हे तस्थिवांसः !

तस्थिवस् शब्द का अर्थ/मतलब

तस्थिवस् शब्द का अर्थ जो खड़ा है, खड़ा है, शेष है, में जारी है, पर हो रहा है या में है, one who has stood, standing, remaining, continuing in, being on or in होता है। तस्थिवस् शब्द सकारान्त शब्द है इसका मतलब भी ‘जो खड़ा है, खड़ा है’ होता है।

तस्थिवस् जैसे और महत्वपूर्ण शब्द रूप

उपर्युक्त शब्द रूप तस्थिवस् शब्द के सकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप हैं तस्थिवस् जैसे शब्द रूप (Tasthivas shabd Roop) देखने के लिए Shabd Roop List पर जाएँ।

You may like these posts

गतवत् (गतवान्) शब्द के रूप (Gatavat Ke Shabd Roop) – संस्कृत

Gatavat Shabd गतवत् शब्द (गतवान्, गया, चला गया): गतवत् शब्द के तकारांत डवतु प्रत्ययान्त पुल्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, गतवत् (Gatavat) शब्द के अंत में “त्” का प्रयोग हुआ इसलिए...Read more !

मरु शब्द के रूप (Maru Ke Shabd Roop) – संस्कृत

Maru Shabd मरु शब्द (मरुभूमि, मरुस्थल, desert): मरु शब्द के उकारान्त नपुंसकलिंग शब्द के शब्द रूप, मरु (Maru) शब्द के अंत में “उ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह...Read more !

गङ्गा/गंगा शब्द के रूप – Ganga Ke Shabd Roop – Sanskrit

Ganga Shabd गङ्गा शब्द (गंगा नदी): गङ्गा शब्द के आकारान्त स्त्रील्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, गङ्गा (Ganga) शब्द के अंत में “आ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह आकारान्त...Read more !