विश् शब्द के रूप (Vish Ke Shabd Roop) – संस्कृत

Vish Shabd

विश् शब्द (तृतीय वर्ण, वैश्य, आदमी, मनुष्य, जनता): विश् शब्द के शकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, विश् (Vish) शब्द के अंत में ‘श्’ की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह शकारान्त हैं। अतः Vish Shabd के Shabd Roop की तरह विश् जैसे सभी शकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। विश् शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Vish Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

विश् के शब्द रूप – Shabd roop of Vish

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा विट्/ ड् विशौ विशः
द्वितीया विशम् विशौ विशः
तृतीया विशा विड्भ्याम् विड्भिः
चतुर्थी विशे विड्भ्याम् विड्भ्यः
पंचमी विशः विड्भ्याम् विड्भ्यः
शश्ठी विशः विशोः विशाम्
सप्तमी विशि विशोः विक्षु
सम्बोधन हे विट्/ ड् ! हे विशौ ! हे विशः !

विश् शब्द का अर्थ/मतलब

विश् शब्द का अर्थ तृतीय वर्ण, वैश्य, आदमी, मनुष्य, जनता होता है। विश् शब्द शकारान्त शब्द है इसका मतलब भी ‘वह जिसे जन्म मिला हो, प्रजा, कन्या, लड़की; प्रवेश । रसाई (को॰); कुल, वंश, खानदान (को॰); निवास, टिकान (को॰); संपत्ति, धन दौलत’ होता है।

विश् जैसे और महत्वपूर्ण शब्द रूप

उपर्युक्त शब्द रूप विश् शब्द के शकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप हैं विश् जैसे शब्द रूप (Vish shabd Roop) देखने के लिए Shabd Roop List पर जाएँ।

संस्कृत में धातु रूप देखने के लिए Dhatu Roop पर क्लिक करें और नाम धातु रूप देखने के लिए Nam Dhatu Roop पर जायें।

You may like these posts

भृस्ज् शब्द के रूप (Bhrasj Ke Shabd Roop) – संस्कृत

Bhrasj Shabd भृस्ज् शब्द (भृट, भृड): भृस्ज् शब्द के जकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, भृस्ज् (Bhrasj) शब्द के अंत में ‘ज्’ की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह जकारान्त...Read more !

त्विट् शब्द के रूप (Tvit Ke Shabd Roop) – संस्कृत

Tvit Shabd त्विट् शब्द (त्विट् शोभा -अमर): त्विट् शब्द के टकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द के शब्द रूप, त्विट् (Tvit) शब्द के अंत में ‘ट्’ की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह...Read more !

पठितवत् (पठितवान्) शब्द के रूप (Pathitavat Ke Shabd Roop) – संस्कृत

Pathitavat Shabd पठितवत् शब्द (पठितवान्, पढ़ा हुआ): पठितवत् शब्द के तकारांत डवतु प्रत्ययान्त पुल्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, पठितवत् (Pathitavat) शब्द के अंत में “त्” का प्रयोग हुआ इसलिए यह...Read more !