पूजनीय प्रभु हमारे भाव उज्वल कीजिये – Pujniya Prabhu Hamare Bhav Ujjwal Kijiye – हवन यज्ञ प्रार्थना/कविता/गीत/वंदना, हिन्दी

Pujniya Prabhu Hamare Bhav Ujjwal Kijiye
हिन्दी हवन प्रार्थना/कविता/गीत/वंदना: पूजनीय प्रभु हमारे, भाव उज्जवल कीजिये। छोड़ देवें छल कपट को, मानसिक बल दीजिये॥

भगवान के लिए एक सुंदर प्रार्थना, मेरे विचारों को शुद्ध करें यदि मन और विचारों में एक अच्छी भावना है तो सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। यज्ञ प्रथा, यज्ञ के बाद जब भी गाया जाता है, मुझे कई अच्छी चीजों की याद दिलाती है जो भगवान ने बनाई है, हमें इनके लिए सम्मान होना चाहिए। यज्ञ प्राथना, यज्ञ के बाद जब भी गाया जाता है, मुझे कई अच्छी चीजों की याद दिलाती है जो भगवान ने बनाई है, हमें इनके लिए सम्मान होना चाहिए।

पूजनीय प्रभु हमारे भाव उज्वल कीजिये

पूजनीय प्रभु हमारे,
भाव उज्जवल कीजिये।
छोड़ देवें छल कपट को,
मानसिक बल दीजिये॥

वेद की बोलें ऋचाएं,
सत्य को धारण करें।
हर्ष में हो मग्न सारे,
शोक-सागर से तरें॥

अश्व्मेधादिक रचायें,
यज्ञ पर-उपकार को।
धर्मं- मर्यादा चलाकर,
लाभ दें संसार को॥

नित्य श्रद्धा-भक्ति से,
यज्ञादि हम करते रहें।
रोग-पीड़ित विश्व के,
संताप सब हरतें रहें॥

भावना मिट जाये मन से,
पाप अत्याचार की।
कामनाएं पूर्ण होवें,
यज्ञ से नर-नारि की॥

लाभकारी हो हवन,
हर जीवधारी के लिए।
वायु जल सर्वत्र हों,
शुभ गंध को धारण किये॥

स्वार्थ-भाव मिटे हमारा,
प्रेम-पथ विस्तार हो।
‘इदं न मम’ का सार्थक,
प्रत्येक में व्यवहार हो॥

प्रेमरस में मग्न होकर,
वंदना हम कर रहे।
नाथ करुणारूप ! करुणा,
आपकी सब पर रहे॥


Pujniya Prabhu Humare Bhav Ujjal Kijiye

Pujniya Prabhu Hamare,
Bhav Ujjawal Keejiye.
Chhod Deven Chhal Kapat Ko,
Manasik Bal Deejiye.

Ved Kee Bolen Rchaen,
Saty Ko Dhaaran Karen.
Harsh Mein Ho Magna Sare,
Shok-sagar Se Taren.

Ashvmedhadik Rachayen,
Yagya Par-upakar Ko.
Dharman- Maryada Chalakar,
Laabh Den Sansar Ko.

Nity Shraddha-bhakti Se,
Yagyadi Ham Karate Rahen.
Rog-peedit Vishwa Ke,
Santap Sab Haraten Rahen.

Bhavana Mit Jaye Man Se,
Pap Atyachar Ki.
Kamanaen Poorn Howen,
Yagy Se Nar-nari Ki.

Labhakari Ho Havan,
Har Jeevadhari Ke Lie.
Vayu Jal Sarvatr Hon,
Shubh Gandh Ko Dharan Kiye.

Svarth-bhav Mite Hamara,
Prem-path Vistar Ho.
Idan-na-mam Ka Sarthak,
Pratyek Mein Vayavahar Ho.

Premaras Mein Magna Hokar,
Vandana Ham Kar Rahe.
Nath Karunaroop! Karuna,
Apaki Sab Par Rahe.

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