हर देश में तू, हर भेष में तू – Har Desh Mein Tu Har Bhesh Mein Tu – हिन्दी प्रार्थना/कविता/गीत/वंदना

Har Desh Mein Tu Har Bhesh Mein Tu
हिन्दी प्रार्थना/कविता/गीत/वंदना: हर देश में तू, हर भेष में तू, तेरे नाम अनेक तू एक ही है। तेरी रंगभूमि, यह विश्व भरा, सब खेल में, मेल में तू ही तो है॥

हर देश में तू, हर भेष में तू, तेरे नाम अनेक तू एक ही है

हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है।
तेरी रंगभूमि, यह विश्व भरा,
सब खेल में, मेल में तू ही तो है॥

सागर से उठा बादल बनके,
बादल से फटा जल हो करके।
फिर नहर बना नदियाँ गहरी,
तेरे भिन्न प्रकार, तू एक ही है॥

हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है।

चींटी से भी अणु-परमाणु बना,
सब जीव-जगत् का रूप लिया।
कहीं पर्वत-वृक्ष विशाल बना,
सौंदर्य तेरा, तू एक ही है ॥

हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है।

यह दिव्य दिखाया है जिसने,
वह है गुरुदेव की पूर्ण दया।
तुकड़e कहे कोई न और दिखा,
बस मैं अरु तू सब एकही है॥

हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है।
तेरी रंगभूमि, यह विश्व भरा,
सब खेल में, मेल में तू ही तो है॥


Har Desh Mein Tu Har Bhesh Mein Tu

har desh mein too, har bhesh mein too,
tere naam anek too ek hee hai,
tere naam anek too ek hee hai.
ksheneebhoomi, yah vishv bhara,
sab khel mein, mel mein too hee to hai.

saagar se uthaen klaud banake,
baadalon se phata jal ho kar.
phir nahar banee naadiyaan gaharee,
vishesh prakaar, too ek hee hai.

har desh mein too, har bhesh mein too,
tere naam anek too ek hee hai,
tere naam anek too ek hee hai.

cheenee se bhee anu-paramaanu bana,
sab jeev-jagat ka roop liya.
kaheen parvat-vrksh vishaal bana,
saundary, too ek hee hai.

har desh mein too, har bhesh mein too,
tere naam anek too ek hee hai,
tere naam anek too ek hee hai.

yah divy dikhaaya gaya hai ki,
vah gurudev kee poorn daya hai.
tukade kaho koee na aur dikhao,
bas main aru too sab ek hee hai.

har desh mein too, har bhesh mein too,
tere naam anek too ek hee hai,
tere naam anek too ek hee hai.
ksheneebhoomi, yah vishv bhara,
sab khel mein, mel mein too hee to hai.

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