संस्कृत में क्रिया विशेषण – संस्कृत व्याकरण

परिभाषा

सरल शब्दों में क्रियाविशेषण वे शब्द होते हैं जो क्रिया की विशेषता वाताएँ क्रियाविशेषण शब्द कहलाते हैं । जैसे – वह बहुत तेज दौड़ता है। इस वाक्य दौड़ना क्रिया व तेज विशेषण, इस वाक्य में तेज शब्द दौडना क्रिया की विशेषता वता रहा है अत: तेज शब्द एक क्रियाविशेषण है ।

क्रिया विशेषण एक शब्द है जो क्रिया, विशेषण, नियतांक, खंड, पूर्वसर्ग या वाक्य को संशोधित करता है। क्रियाविशेषण आमतौर पर तरीके, स्थान, समय, आवृत्ति, डिग्री, निश्चितता के स्तर आदि को व्यक्त करते हैं, जैसे कि सवालों का जवाब – कैसे?, कब ?, कहाँ ?, और किस हद तक?। इस फ़ंक्शन को क्रियाविशेषण फ़ंक्शन कहा जाता है, और एकल शब्दों जो शब्द क्रिया के काल (Tense), स्थान (Place), रीति (Way to work), परिमाण (Quantity), बताये और जिनके योग से प्रश्न किये जाये क्रिया विशेषण कहलाते है।

क्रिया विशेषण के प्रमुख भेद

  1. कालवाचक क्रियाविशेषण
  2. स्थानवाचक क्रियाविशेषण
  3. रीतिवाचक क्रियाविशेषण
  4. परिमाणवाचक क्रियाविशेषण
  5. प्रश्नवाचक क्रियाविशेषण

संस्कृत में क्रिया विशेषण के उदाहरण

  • यदा – जब,
  • तदा –  तब,
  • कदा – कब,
  • सदा / सर्वदा – हमेशा,
  • अधुना – अब / आजकल,
  • इदानीम – इस समय आदि।

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