दातृ शब्द के रूप – Datra ke roop – Sanskrit (संस्कृत)

दातृ शब्द के रूप

दातृ शब्द (दाता / दानी): ऋकारांत पुलिंग संज्ञा, सभी ऋकारांत पुलिंग संज्ञापदों के रूप इसी प्रकार बनाते है जैसे – धातृ, ज्ञातृ, नेतृ , जेतृ, होतृ, श्रोतृ, कर्तृ, हर्तृ, भर्तृ, वक्तृ, सवितृ , कवयितृ आदि।

दातृ के रूप –

विभक्ति एकवचन द्विवचन वहुवचन
प्रथमा दाता दातारौ दातार:
द्वितीया दातारम् दातारौ दातृन
तृतीया दात्रा दातृभ्याम् दातृभि:
चतुर्थी दात्रे दातृभ्याम् दातृभ्य:
पंचमी दातु: दातृभ्याम् दातृभ्य:
षष्ठी दातु: दात्रोः दातृणाम्
सप्तमी दातरि दात्रोः दातृषु
संबोधन हे दात: ! हे दातारौ ! हे दातार: !

कुछ अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप –

धातृ, ज्ञातृ, नेतृ , जेतृ, होतृ, श्रोतृ, कर्तृ , हर्तृ , भर्तृ , वक्तृ , सवितृ , कवयितृ आदि।

Shabd Roop of Datra in photo (image/pdf)

datra shabd roop

संस्कृत में अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप:

स्वरान्त शब्द रूप:

व्यञ्जनान्त शब्द रूप:

सर्वनाम शब्द रूप:

संख्यावाची शब्द रूप:

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