विद् (रहना) धातु के रूप – Vid Ke Dhatu Roop – संस्कृत

Vid Dhatu

विद् धातु (रहना, to exist): विद् धातु उभयपदी दिवादिगण धातु शब्द है। अतः Vid Dhatu के Dhatu Roop की तरह विद् जैसे सभी उभयपदी दिवादिगण धातु के धातु रूप (Dhatu Roop) इसी प्रकार बनाते है, संस्कृत व्याकरण में विद् धातु रूप का अति महत्व है।
विद् धातु का गण (Conjugation): दिवादिगण चतुर्थ गण – Fourth Conjugation
विद् का अर्थ: विद् का अर्थ रहना, to exist होता है।

विद् के धातु रूप (Dhatu Roop of Vid) – परस्मैपदी

परस्मैपदी विद् धातु के धातु रूप संस्कृत में सभी लकारों, पुरुष एवं तीनों वचन में विद् धातु रूप (Vid Dhatu Roop) नीचे दिये गये हैं। विद् के धातु रूप में “न्द” की जगह “द्य” का भी प्रयोग कर सकते हैं।

1. लट् लकार विद् धातु – वर्तमान काल

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विन्दति विन्दतः विन्दन्ति
मध्यम पुरुष विन्दसि विन्दथः विन्दथ
उत्तम पुरुष विन्दामि विन्दावः विन्दामः

2. लिट् लकार विद् धातु – Past Perfect Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विवेद विविदतुः विविदुः
मध्यम पुरुष विवेदिथ विविदथुः विविद
उत्तम पुरुष विवेद विविदिव विविदिम

3. लुट् लकार विद् धातु – First Future Tense or Periphrastic

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष वेदिष्यति/वेत्ता वेदिष्यतः/वेत्तारौ वेदिष्यन्ति/वेत्तारः
मध्यम पुरुष वेदिष्यसि/वेत्तासि वेदिष्यथः/वेत्तास्थः वेदिष्यथ/वेत्तास्थ
उत्तम पुरुष वेदिष्यामि/वेत्तास्मि वेदिष्यावः/वेत्तास्वः वेदिष्यामः/वेत्तास्मः

4. लृट् लकार विद् धातु – भविष्यत्, Second Future Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष वेत्स्यति वेत्स्यतः वेत्स्यन्ति
मध्यम पुरुष वेत्स्यसि वेत्स्यथः वेत्स्यथ
उत्तम पुरुष वेत्स्यामि वेत्स्यावः वेत्स्यामः

5. लोट् लकार विद् धातु – अनुज्ञा, Imperative Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विन्दतु/विन्दतात् विन्दताम् विन्दन्तु
मध्यम पुरुष विन्द/विन्दतात् विन्दतम् विन्दत
उत्तम पुरुष विन्दानि विन्दाव विन्दाम

6. लङ् लकार विद् धातु – भूतकाल, Past Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अविन्दत् अविन्दताम् अविन्दन्
मध्यम पुरुष अविन्दः अविन्दतम् अविन्दत
उत्तम पुरुष अविन्दम् अविन्दाव अविन्दाम

7. विधिलिङ् लकार विद् धातु – चाहिए के अर्थ में, Potential Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विन्देत् विन्देताम् विन्देयुः
मध्यम पुरुष विन्देः विन्देतम् विन्देत
उत्तम पुरुष विन्देयम् विन्देव विन्देम

8. आशीर्लिङ् लकार विद् धातु – आशीर्वाद देना, Benedictive Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विद्यात् विद्यास्ताम् विद्यासुः
मध्यम पुरुष विद्याः विद्यास्तम् विद्यास्त
उत्तम पुरुष विद्यासम् विद्यास्व विद्यास्म

9. लुङ् लकार विद् धातु – Perfect Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अविदत् अविदताम् अविदन्
मध्यम पुरुष अविदः अविदतम् अविदत
उत्तम पुरुष अविदम् अविदाव अविदाम

10. लृङ् लकार विद् धातु – हेतुहेतुमद्भूत, Conditional Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अवेत्स्यत्/अवेदिष्यत् अवेत्स्यताम्/अवेदिष्यताम् अवेत्स्यन्/अवेदिष्यन्
मध्यम पुरुष अवेत्स्यः/अवेदिष्यः अवेत्स्यतम्/अवेदिष्यतम् अवेत्स्यत/अवेदिष्यत
उत्तम पुरुष अवेत्स्यम्/अवेदिष्यम् अवेत्स्याव/अवेदिष्याव अवेत्स्याम/अवेदिष्याम

विद् के धातु रूप (Dhatu Roop of Vid) – आत्मनेपदी

आत्मनेपदी विद् धातु के धातु रूप संस्कृत में सभी लकारों, पुरुष एवं तीनों वचन में विद् धातु रूप (Vid Dhatu Roop) नीचे दिये गये हैं। विद् के धातु रूप में “न्द” की जगह “द्य” का भी प्रयोग कर सकते हैं।

1. लट् लकार विद् धातु – वर्तमान काल

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विन्दते विन्देते विन्दन्ते
मध्यम पुरुष विन्दसे विन्देथे विन्दध्वे
उत्तम पुरुष विन्दे विन्दावहे विन्दामहे

2. लिट् लकार विद् धातु – Past Perfect Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विविदे विविदाते विविदिरे
मध्यम पुरुष विविदिषे विविदाथे विविदिध्वे
उत्तम पुरुष विविदे विविदिवहे विविदिमहे

3. लुट् लकार विद् धातु – First Future Tense or Periphrastic

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष वेदिष्यते/वेत्ता वेदिष्येते/वेत्तारौ वेदिष्यन्ते/वेत्तारः
मध्यम पुरुष वेदिष्यसे/वेत्तासे वेदिष्येथे/वेत्तासाथे वेदिष्यध्वे/वेत्ताध्वे
उत्तम पुरुष वेदिष्ये/वेत्ताहे वेदिष्यावहे/वेत्तास्वहे वेदिष्यामहे/वेत्तास्महे

4. लृट् लकार विद् धातु – भविष्यत्, Second Future Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष वेत्स्यते वेत्स्येते वेत्स्यन्ते
मध्यम पुरुष वेत्स्यसे वेत्स्येथे वेत्स्यध्वे
उत्तम पुरुष वेत्स्ये वेत्स्यावहे वेत्स्यामहे

5. लोट् लकार विद् धातु – अनुज्ञा, Imperative Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विन्दताम्/वेदिषीष्ट विन्देताम्/वेदिषीयास्ताम् विन्दताम्
मध्यम पुरुष विन्दस्व/वेदिषीष्टाः विन्देथाम्/वेदिषीयास्थाम् विन्दध्वम्/वेदिषीरन्
उत्तम पुरुष विन्दै/वेदिषीय विन्दावहै/वेदिषीवहि विन्दामहै/वेदिषीमहि/वेदिषीध्वम्

6. लङ् लकार विद् धातु – भूतकाल, Past Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अविन्दत अविन्देताम् अविन्दन्त
मध्यम पुरुष अविन्दथाः अविन्देथाम् अविन्दध्वम्
उत्तम पुरुष अविन्दे अविन्दावहि अविन्दामहि

7. विधिलिङ् लकार विद् धातु – चाहिए के अर्थ में, Potential Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष विन्देत्/विन्देत विन्देयाताम् विन्देरन्
मध्यम पुरुष विन्देथाः विन्देयाथाम् विन्देध्वम्
उत्तम पुरुष विन्देय विन्देवहि विन्देमहि

8. आशीर्लिङ् लकार विद् धातु – आशीर्वाद देना, Benedictive Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष वित्सीष्ट वित्सीयास्ताम् वित्सीरन्
मध्यम पुरुष वित्सीष्ठाः वित्सीयास्थाम् वित्सीध्वम्
उत्तम पुरुष वित्सीय वित्सीवहि वित्सीमहि

9. लुङ् लकार विद् धातु – Perfect Tense

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अवेदिष्ट/अवित्त अवेदिषाताम्/अवित्साताम् अवेदिषत/अवित्सत
मध्यम पुरुष अवेदिष्टाः/अवित्थाः अवेदिषाथाम्/अवित्साथाम् अवेदिढ्वम्/अविध्वम्
उत्तम पुरुष अवेदिषि/अवित्सि अवेदिष्वहि/अवित्स्वहि अवेदिष्महि/अवित्स्महि

10. लृङ् लकार विद् धातु – हेतुहेतुमद्भूत, Conditional Mood

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अवेत्स्यत/अवेदिष्यत अवेत्स्येताम्/अवेदिष्येताम् अवेत्स्यन्त/अवेदिष्यन्त
मध्यम पुरुष अवेत्स्यथाः/अवेदिष्यथाः अवेत्स्येथाम्/अवेदिष्यथाम् अवेत्स्यध्वम्/अवेदिष्यध्वम्
उत्तम पुरुष अवेत्स्ये/अवेदिष्ये अवेत्स्यावहि/अवेदिष्यावहि अवेत्स्यामहि/अवेदिष्यामहि

संस्कृत में शब्द रूप देखने के लिए Shabd Roop पर क्लिक करें और नाम धातु रूप देखने के लिए Nam Dhatu Roop पर जायें।

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