उपमा और रूपक अलंकार युग्म में अंतर

Upama aur Roopak Alankar me Antar
उपमा और रूपक अलंकार युग्म में अंतर

उपमा और रूपक

उपमा में उपमेय और उपमान की समानता बताई जाती है, यथा-

हरि पद कोमल कमल से

यहां ईश्वर के चरणों की समानता कमल की कोमलता से बताई गई है।

रूपक में उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होता है। यथा-

मन मधुकर पन कै तुलसी रघुपति पद कमल बसैहौं।

यहां मन पर भ्रमर का तथा पद पर कमल का अभेद आरोप किया गया है अतः रूपक अलंकार है।

 सम्पूर्ण हिन्दी और संस्कृत व्याकरण

  • संस्कृत व्याकरण पढ़ने के लिए Sanskrit Vyakaran पर क्लिक करें।
  • हिन्दी व्याकरण पढ़ने के लिए Hindi Grammar पर क्लिक करें।

You may like these posts

लिंग – परिभाषा, भेद और उदाहरण – Gender/Ling in Hindi

लिंग लिंग से तात्पर्य भाषा के ऐसे प्रावधानों से है जो वाक्य के कर्ता के स्त्री,पुरुष,निर्जीव होने के अनुसार बदल जाते हैं। विश्व की लगभग एक चौथाई भाषाओं में किसी...Read more !

सार्थक शब्द – संस्कृत व्याकरण (Sarthak Shabd)

सार्थक शब्द सार्थक शब्द वे होते है जो वाक्य मे प्रयोग करने पर खास अर्थ का बोध कराते है, तथा सार्थक शब्दो को ही पद कहा जाता है। उदाहरण के लिए-...Read more !

वाच्य प्रकरण – भेद, उदाहरण – Vachya in Hindi, Sanskrit -Vyakaran

वाच्य की परिभाषा वाच्य क्रिया के उस रूप को कहते है जिससे पता चलता है कि वाक्य में क्रिया के द्वारा किसके विषय में कहा गया है जैसे – कर्ता...Read more !