पुनरुक्ति अलंकार – परिभाषा, अर्थ, पहचान और उदाहरण

Punrukti Alankar

पुनरुक्ति अलंकार (Punrukti Alankar) Hindi Grammar के अलंकार के शब्द अलंकार 6 भेदों के भेदों में से एक हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि पुनरुक्ति अलंकार क्या है? पुनरुक्ति अलंकार की परिभाषा (Punrukti alankar in hindi) और पुनरुक्ति अलंकार की पहचान Punarukti Alankar ke udaharan सहित की जानकारी आगे दी जा रही है।

पुनरुक्ति अलंकार की परिभाषा : Punrukti Alankar Ki Paribhasha

पुनरुक्ति शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- “पुनः + उक्ति“, यहाँ पुनः का अर्थ है- ‘दोबारा‘, और उक्ति का अर्थ- ‘कथन‘; अर्थात दोबारा कहना। अतः जब काव्य या वाक्य में शब्दों का दोहराव होता है, और उसके अर्थ में भिन्नता नहीं होती है, तो उसे पुनरुक्ति अलंकार कहा जाता है। जैसे-

शान्त सरोवर का डर,
किस इच्छा से लहरा कर,
हो उठा चंचल-चंचल।

संक्षेप में कहा जा सकता है, “जब काव्य में शब्दों की पुनरावृत्ति एक समान होती है, और अर्थ भी समान होता है, वहां पुनरुक्ति अलंकार होता है।

पुनरुक्ति अलंकार के उदाहरण : Punrukti Alankar Ke Udaharan

आगे Punrukti Alankar Ke Udaharan स्पष्टीकरण सहित आगे दिए जा रहे हैं-

पुनरुक्ति अलंकार का 1 उदाहरण:

मधुर वचन कहि-कहि परितोषीं।

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “कहि” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 2 उदाहरण:

लिखन बैठि जाकी सबी,
गहि-गहि गरब गरूर।

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “गहि” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 3 उदाहरण:

आदरु दै-दै बोलियत,
बयासु बलि की बेर।

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “दै” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 4 उदाहरण:

जुगन-जुगन समझावत हारा,
कहा न मानत कोई रे।

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “जुगन” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 5 उदाहरण:

विहग-विहग
फिर चहक उठे ये पुंज-पुंज
कल कूजित कर उर का निकुंज
चिर सुभग-सुभग

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “विहग, पुंज, सुभग” शब्द दो-दो बार आया है और सभी का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 6 उदाहरण:

ठुमुकि-ठुमुकि रुनझुन धुनि-सुनि,
कनक अजिर शिशु डोलत।

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “ठुमुकि, सुनि” शब्द दो-दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 7 उदाहरण:

मेघमय आसमान से
उत्तर रही-
वह संध्या सुंदरी
धीरे-धीरे-धीरे

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “धीरे” शब्द तीन बार आया है और तीनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 8 उदाहरण:

आज कितनी सदियों के बाद
देवि, कितनी सदियों के बाद

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “बाद” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 9 उदाहरण:

थी ठौर-ठौर विहार करती सुन्दर सुरनारियाँ।

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “ठौर” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

पुनरुक्ति अलंकार के 10 उदाहरण:

शान्त सरोवर का डर
किस इच्छा से लहरा कर
हो उठा चंचल-चंचल

स्पष्टीकरण:– उपर्युक्त उदाहरण में “चंचल” शब्द दो बार आया है और दोनों का अर्थ एक ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति अलंकार है।

FAQs

1. पुनरुक्ति अलंकार किसे कहते हैं?

पुनरुक्ति शब्द ‘पुन:+उक्ति’ शब्दों से मिलकर बना है। अतः जब किसी शब्द की पुनरावृत्ति होती है, तो उसे ‘पुनरुक्ति अलंकार’ कहते हैं।

2. निम्न पक्तियों में कौन सा अलंकार है-
“जी में उठती रह-रह हूक।”

इन पंक्तियों में पुनरुक्ति अलंकार है।

3. पुनरुक्ति अलंकार के उदाहरण लिखो।

मीठा-मीठा रस टपकता।
थल-थल में बसता है शिव ही।
रंग-रंग के फूलों पर सुन्दर।
झूम झूम मृदु गरज गरज घनघोर।
मैं दक्षिण में दूर-दूर तक गया।
अब इन जोग संदेसनि सुनि-सुनि
पुनि-पुनि मोहि देखाब कुठारु।

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