तमिल भाषा – लिपि, वर्णमाला, कैसे सींखे, तमिलनाडु की भाषा

Tamil Bhasha
Tamilnadu Ki Bhasha: Tamil Bhasha

तमिल भाषा

तमिल (Tamil) द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है। यह भाषा परिवार सम्पूर्ण भारत और दक्षिण पूर्व एशिया, तथा पाकिस्तान और नेपाल तक में बोला जाता है। तमिल भाषा का इस्तेमाल मुख्यतः दक्षिण भारत में होता है तथा यह भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह जैसे राज्यों की राजभाषा है। यह श्रीलंका तथा सिंगापुर नामक देशों की भी राजभाषा है। तमिल भाषा का विस्तृत उपयोग मलेशिया में भी होता है। विश्व भर में लगभग साढ़े छह करोड़ से अधिक तमिल भाषी हैं। तमिल भाषा पिछले लगभग 2,500 वर्षों से अस्तित्व में है।

लिपि तमिल लिपि (वट्ट एऴुत्तु)
उच्चारण संस्कृत, हिंदी, मारवाड़ी, मेवाती
बोली क्षेत्र भारत (तमिलनाडु), श्रीलंका, सिंगापुर, मलेशिया और अन्य देशों में तमिल अप्रवासियों द्वारा।
वक्ता 6.8 करोड़ (मातृभाषा), 7.7 करोड़ (कुल)
भाषा परिवार द्रविड़
आधिकारिक भाषा तमिलनाडु नाड़ु (भारत), श्रीलंका, सिंगापुर

महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts about Tamil Language):

  • तमिल भाषा एक द्रविड़ियन भाषा है जिसे मुख्य रूप से भारतीय राज्य तमिलनाडु और श्रीलंका में बोली जाती है।
  • यह भारत की 22 आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त भाषाओं और तमिलनाडु राज्य की आधिकारिक भाषा में से एक है।
  • तमिल भाषा की एक समृद्ध साहित्यिक परंपरा है और यह दुनिया की सबसे पुरानी जीवित शास्त्रीय भाषाओं में से एक है।
  • तमिल भाषा तमिल लिपि (वट्ट एऴुत्तु) में लिखी जाती है। यह स्क्रिप्ट ब्रह्मी स्क्रिप्ट से ली गई है और इसे बाएं से दाएं लिखा गया है।
  • तमिल भाषा में एक जटिल व्याकरण प्रणाली है।
  • इसमें एक बड़ी शब्दावली और संस्कृत, प्राकृत और पाली भाषाओं से कई ऋणदाता हैं।
  • तमिल भाषा का क्षेत्र की अन्य भाषाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, जिसमें मलयालम और कन्नड़ शामिल हैं।
  • हिंदू धर्म ने तमिल भाषा और साहित्य को आकार देने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है, जिसमें कई हिंदू मिथकों और किंवदंतियों को तमिल में स्वीकार किया गया है।
  • दुनिया भर में तमिल भाषा के 70 मिलियन से अधिक वक्ता हैं।
  • तमिलनाडु में फिल्म और संगीत उद्योग के साथ तमिल भाषा और उसकी संस्कृति आज भी जीवित  है।

बोली क्षेत्र:

मुख्य रूप से यह भारत के दक्षिणी राज्य तमिऴ नाडु, श्री लंका के तमिल बहुल उत्तरी भागों, सिंगापुर और मलेशिया के भारतीय मूल के तमिऴों द्वारा बोली जाती है। भारत, श्रीलंका और सिंगापुर में इसकी स्थिति एक आधिकारिक भाषा के रूप में है। इसके अतिरिक्त यह मलेशिया, मॉरिशस, वियतनाम, रियूनियन इत्यादि में भी पर्याप्त संख्या में बोली जाती है। लगभग 7 करोड़ लोग तमिऴ भाषा का प्रयोग मातृ-भाषा के रूप में करते हैं। यह भारत के तमिऴ नाड़ु राज्य की प्रशासनिक भाषा है और यह पहली ऐसी भाषा है जिसे 2004 में भारत सरकार द्वारा शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया।

उत्पत्ति एवं विकास:

तमिऴ द्राविड़ भाषा परिवार की प्राचीनतम भाषा मानी जाती है। इसकी उत्पत्ति के सम्बंध में अभी तक यह निर्णय नहीं हो सका है कि किस समय इस भाषा का प्रारम्भ हुआ। विश्व के विद्वानों ने संस्कृत, ग्रीक, लैटिन आदि भाषाओं के समान तमिऴ को भी अति प्राचीन तथा सम्पन्न भाषा माना है। अन्य भाषाओं की अपेक्षा तमिऴ भाषा की विशेषता यह है कि यह अति प्राचीन भाषा होकर भी लगभग २५०० वर्षों से अविरत रूप से आज तक जीवन के सभी क्षेत्रों में व्यवहृत है। तमिऴ भाषा में उपलब्ध ग्रंथों के आधार पर यह निर्विवाद निर्णय हो चुका है कि तमिऴ भाषा ईसा से कई सौ वर्ष पहले ही सुसंस्कृत और सुव्यवस्थित हो गई थी।

इतिहास:

इस भाषा का इतिहास कम से कम ३००० वर्ष पुराना माना जाता है। प्राचीन तमिऴ से लेकर आधुनिक तमिऴ में उत्कृष्ट साहित्य की रचना हुयी है। तमिऴ साहित्य कम से कम पिछ्ले दो हज़ार वर्षों से अस्तित्व में है। जो सबसे आरंभिक शिलालेख पाए गए है वे तीसरी शताब्दी ईसापूर्व के आसपास के हैं। तमिऴ साहित्य का आरंभिक काल, संघम साहित्य, ३०० ई॰पू॰ – ३०० ईस्वीं का है।

तमिल शब्द:

इस भाषा के नाम को “तमिल” या “तामिल” के रूप में हिन्दी भाषा-भाषी उच्चारण करते हैं। तमिऴ भाषा के साहित्य तथा निघण्टु में तमिऴ शब्द का प्रयोग ‘मधुर’ अर्थ में हुआ है। कुछ विद्वानों ने संस्कृत भाषा के द्राविड़ शब्द से तमिऴ शब्द की उत्पत्ति मानकर द्राविड़ > द्रविड़ > द्रमिड > द्रमिल > तमिऴ आदि रूप दिखाकर तमिऴ की उत्पत्ति सिद्ध की है, किन्तु तमिऴ के अधिकांश विद्वान इस विचार से सर्वथा असहमत हैं।

तमिल भाषा की लिपि

तमिल भाषा तमिल लिपि (वट्ट एऴुत्तु) में लिखी जाती है। अन्य भारतीय भाषाओं की तुलना में इसमें स्पष्टतः कम अक्षर हैं। देवनागरी लिपि की तुलना में (यह तुलना अधिकांश भारतीय भाषाओं पर लागू होती है) इसमें हृस्व ए (ऎ) तथा हृस्व ओ (ऒ) भी हैं। प्रत्येक वर्ग (कवर्ग, चवर्ग आदि) का केवल पहला और अंतिम अक्षर उपस्थित है, बीच के अक्षर नहीं हैं (अन्य द्रविड भाषाओं तेलुगु, कन्नड, मलयालम में ये अक्षर उपस्थित हैं)। र और ल के अधिक तीव्र रूप भी हैं। वहीं न का कोमलतर रूप भी है। श, ष एक ही अक्षर द्वारा निरूपित हैं। तमिऴ भाषा की एक विशिष्ट (प्रतिनिधि) ध्वनि ழ (देवनागरी समकक्ष – ऴ, नया जोडा गया) है, जो स्वयं तमिऴ शब्द में प्रयुक्त है (தமிழ் ध्वनिशः – तमिऴ्)।

  • तमिऴ में वर्गों के बीच के अक्षरों की ध्वनियाँ भी प्रथम अक्षर से निरूपित की जाती हैं, परंतु यह प्रतिचित्रण (mapping) कुछ नियमों के अधीन है।
  • तमिल को अंग्रेज़ी की तरह ही, बाएँ से दायें हॉरिजॉन्टल लाइन्स में लिखा जाता है।

तमिल वर्णमाला

तमिल भाषा की वर्णमाला में 12 वॉवेल,18 कॉन्सोनेंट्स और आयतम नाम का एक कैरेक्टर होता है जो कि न तो वॉवेल होता है और न ही कॉन्सोनेंट। हालांकि चूंकि तमिल लिपि सिलाबिक (syllabic) होती है न कि अल्फ़ाबेटिक – अर्थात उसके सिंबल्स फ़ोनेटिक यूनिट्स, जिसमें वॉवेल और कॉन्सोनेंट्स दोनों शामिल होते हैं, को रिप्रेजेंट करते हैं – उसके अंदर 247 फ़ोनेटिक कॉम्बिनेशन्स होते हैं। परिवर्तनों का संकेत देने के लिए इनमें से अनेक को बेसिक 31 अक्षरों में विशेषक चिन्ह लगा कर लिखा जाता है।

Tamil Ki Varnamala - Alphabets of Tamil language

तमिल की संख्याएँ:

ऒऩ्ऱु एक
इरंडू दो
मूऩ्ऱु तीन
नाऩ्गु चार
ऐन्दु पाँच
आऱु छः
एऴु सात
ऎट्टु आठ
ऒऩ्पदु नौ
पत्तु दस

कैसे सींखे तमिल भाषा

1. तमिल भाषा को सीखने के लिए सर्वप्रथम तमिल भाषा की वर्णमाला और लिपि जानिए:-

  • तमिल लिपि में 12 वॉवेल,18 कॉन्सोनेंट्स और आयतम नाम का एक कैरेक्टर होता है जो कि न तो वॉवेल होता है और न ही कॉन्सोनेंट।
  • तमिल वॉवेल्स का अध्ययन करिए। तमिल लिपि में 12 वॉवेल्स होते हैं, जो कि जब किसी सिलाबेल के शुरू में आते हैं, तब स्वतंत्र अक्षरों के रूप में लिखे जाते हैं।
  • तमिल कॉन्सोनेंट्स का अध्ययन करिए। तमिल में 18 बेसिक कॉन्सोनेंट्स हैं जिन्हें तीन ग्रुप्स में बांटा गया है: वल्लीनम (हार्ड कॉन्सोनेंट्स), मेल्लीनम (सॉफ्ट कॉन्सोनेंट और नेज़ल), तथा इदायीनम (मीडियम कॉन्सोनेंट्स)।
  • तमिल वॉवेल्स तथा कॉन्सोनेंट्स की रिकॉर्डिंग को सुनिए।

2. तमिल भाषा को पढ़ना:-

  • अपने पाठ शुरू करने के लिए कुछ फ़ाउंडेशनल मैटीरियल ढूंढ लीजिये। जब आप तमिल सीखना शुरू करेंगे, तब आपको पता चलेगा कि अनेक ऑनलाइन संसाधन हैं जिनसे आपको सहायता मिल सकती है।
  • शब्दकोश पढिए। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित, ऑक्सफोर्ड अंग्रेज़ी-तमिल डिक्शनरी को तमिल सीखने वालों के लिए स्टैण्डर्ड डिक्शनरी माना जाता है, और उसमें लगभग 50,000 एंट्रीज़ हैं।
  • एक या दो अच्छी किताबें ले लीजिये। मुफ़्त डाउनलोड के लिए तमिलनाडु सरकार की एक मुफ़्त बेसिक ई-बुक है जिसमें तमिल लिपि का और तमिल ग्रामर के बेसिक्स का परिचय दिया गया है।
  • तमिल भाषा की मूल वाक्य संरचना को समझिए। तमिल एक इनफ़्लेकटेड (inflected) भाषा है जिसमें प्रीफ़िक्सेज़ या सफिक्सेज़ का इस्तेमाल कर, व्यक्ति, संख्या, मूड, टेन्स तथा वॉइस दिखाने के लिए, शब्द परिवर्तित किये जाते हैं।
  • सरल शब्दों से शुरुआत करिए। तमिल एक प्राचीन तथा जटिल भाषा है, इसलिए इसकी संभावना कम है कि आप बोलने की शुरुआत करते ही धाराप्रवाह वाक्य बोलने लगेंगे। शब्दावली के कुछ शब्दों को सीख लेने से आपको तब भी दूसरों के साथ कम्युनिकेट करने में सहायता मिलेगी, जबकि आप तमिल व्याकरण से पूरी तरह परिचित नहीं होंगे।
  • प्रश्न पूछना सीखिए। तमिल में वाक्य के अंत में प्रश्न शब्द को लगा कर कोई प्रश्न बनाया जा सकता है। आपको यह पता होना चाहिए कि प्रश्न शब्द पर दिये गए स्ट्रेस के आधार पर अर्थ बदल सकता है। कॉमन प्रश्न शब्द हो सकते हैं என்ன enna “क्या”, எது edu “कौन सा (चीज़)”, எங்கே engkee “कहाँ”, யார் yaar “कौन” और எப்பொழுது/எப்போது eppozhutu/eppoodu “कब”।
  • कुछ सामान्य पदों को लिखना सींखे। तमिल में बातचीत शुरू करने के लिए आप कुछ कॉमन फ़्रेज़ेज सीखना चाह सकते हैं। इसके लिए एक अच्छी शुरुआत हो सकती है, यह सीख लेना தமிழ் பேச முடியுமா? Tamiḻ peeca muṭiyumaa? “क्या आप तमिल बोल सकते हैं?” और நான் தமிழ் கற்றல் Naan tamil karral “मैं तमिल सीख रहा हूँ।”।

3. तमिल भाषा के ज्ञान को बढ़ाना:-

  • लोकल मेंटोर की मदद लीजिए और क्लासेज़ लीजिए। अनेक विश्वविद्यालयों, विशेषकर जिनमें दक्षिण एशियाई स्टडीज़ पर फ़ोकस किया जाता है, में तमिल क्लासेज़ ऑफर की जाती हैं।
  • अधिक से अधिक तमिल के लेख पढिए। तमिल में सबसे कॉमन शब्दावली सीखने में मदद पाने के लिए ऑनलाइन ब्लॉग्स और अखबार पढ़िये। शुरू करने के लिए बच्चों की किताबें बहुत बढ़िया चीज़ें होती हैं, चूंकि वे ऐसे श्रोताओं के लिए बनाई गई होती हैं, जो अभी भाषा सीख ही रहे होते हैं, और अक्सर चित्रों तथा दूसरी एजुकेशनल एड्स का इस्तेमाल किया जाता है।
  • तमिलनाडु सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा एक वेबसाइट रखी जाती है जिसमें डाउनलोड के लिए अनेक मुफ़्त टेक्स्टबुक्स होती हैं; तमिलनाडू पब्लिक स्कूल्स में इनका इस्तेमाल एलीमेंटरी स्कूल से हाई स्कूल तक होता है।
  • तमिलक्यूब में भी तमिल कहानियों का एक विशाल संग्रह मुफ़्त में उपलब्ध है।
  • तमिल भाषा को सुनिए। तमिल में यूट्यूब वीडियोज़, मूवीज़, लोकप्रिय संगीत और गाने खोज निकालिए और जितनी अधिक मौखिक तमिल सुन सकते हैं उतनी सुनिए। इससे भी अधिक बेहतर तब होगा जबकि आप किसी ऐसे दोस्त के साथ बातचीत की प्रैक्टिस कर लें जो भाषा को बोलते हों।

4. तमिल भाषा का अभ्यास करिए:-

  • अपने आसपास के लोगों से बात करिए या फिर अनलाइन किसी से बातचीत शुरू करिए। किसी ऐसे के साथ दोस्ती कर लीजिये, जो तमिल बोलता हो और उनसे कहिए कि वे आपसे बात करें। आप उनसे कह सकते हैं कि वे आपको शब्द सिखाएँ और उनके साथ अपनी डिक्शनरी चेक करिए। वे आपको ग्रामर और संस्कृति भी सिखा सकते हैं।
  • अंग्रेज़ी सबटाइटल वाली तमिल फ़िल्म्स देखिये। हिन्दी मूवीज़ की तरह तमिल फ़िल्में बहुतायत में नहीं हैं। नेटफ़्लिक्स, यूट्यूब, तथा स्थानीय वीडियो स्टोर को भी चेक कर लीजिये।

अंत में, तमिल भाषा एक समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के साथ एक समृद्ध और प्राचीन भाषा है। अपने अनूठे व्याकरण, शब्दावली और स्क्रिप्ट के साथ, यह दुनिया भर के लाखों लोगों की पहचान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पहलू बनी हुई है। वैश्वीकरण और अन्य भाषाओं के प्रभुत्व से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, तमिल एक जीवंत और संपन्न भाषा बनी हुई है, जिसमें वक्ताओं का एक मजबूत समुदाय और साहित्य, संगीत और फिल्म की एक समृद्ध परंपरा है।

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