लाटानुप्रास अलंकार (Latanupras Alankar)

लाटानुप्रास अलंकार की परिभाषा

जहाँ शब्द और वाक्यों की आवर्ती हो तथा प्रत्येक जगह पर अर्थ भी वही पर अन्वय करने पर भिन्नता आ जाये वहाँ लाटानुप्रास अलंकार होता है। अथार्त जब एक शब्द या वाक्य खंड की आवर्ती उसी अर्थ में हो वहाँ लाटानुप्रास अलंकार होता है। यह Alankar, शब्दालंकार के 6 भेदों में से Anupras Alankar का एक भेद हैं।

लाटानुप्रास अलंकार का उदाहरण

तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी के पात्र समर्थ,
तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी थी जिनके अर्थ।

Example of Latanupras Alankar

तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी के पात्र समर्थ,
तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी थी जिनके अर्थ।

अनुप्रास अलंकार के भेद

  1. छेकानुप्रास अलंकार
  2. वृत्यानुप्रास अलंकार
  3. लाटानुप्रास अलंकार
  4. अन्त्यानुप्रास अलंकार
  5. श्रुत्यानुप्रास अलंकार

अनुप्रास अलंकार:जब किसी काव्य को सुंदर बनाने के लिए किसी वर्ण की बार-बार आवृति हो तो वह अनुप्रास अलंकार कहलाता है। किसी विशेष वर्ण की आवृति से वाक्य सुनने में सुंदर लगता है। इस अलंकार में किसी वर्ण या व्यंजन की एक बार या अनेक वणों या व्यंजनों की अनेक धार आवृत्ति होती है। जैसे: –

“कानन कठिन भयंकर भारी, 
घोर घाम वारी ब्यारी।”

जैसा की आप देख सकते हैं ऊपर दिए गए वाक्य में ‘क’, ‘भ’ आदि वर्णों की आवृति हो रही है, एवं हम जानते हैं की जब किसी वाक्य में किसी वर्ण या व्यंजन की एक से अधिक बार आवृति होती है तब वहां अनुप्रास अलंकार होता है। अतएव यह उदाहरण अनुप्रास अलंकार के अंतर्गत आएगा।

जे न मित्र दुख होहिं दुखारी, तिन्हहि विलोकत पातक भारी।
निज दुख गिरि सम रज करि जाना, मित्रक दुख रज मेरु समाना।।

ऊपर दिए गए उदाहरण में जैसा की आप देख सकते हैं यहां ‘द’ वर्ण की बार बार आवृति हो रही है , एवं हम जानते हैं की जब किसी वाक्य में किसी वर्ण या व्यंजन की एक से अधिक बार आवृति होती है तब वहां अनुप्रास अलंकार होता है। अतएव यह उदाहरण अनुप्रास अलंकार के अंतर्गत आएगा।

 सम्पूर्ण हिन्दी और संस्कृत व्याकरण

  • संस्कृत व्याकरण पढ़ने के लिए Sanskrit Vyakaran पर क्लिक करें।
  • हिन्दी व्याकरण पढ़ने के लिए Hindi Grammar पर क्लिक करें।

You may like these posts

अपूर्ण वर्तमान काल – परिभाषा, वाक्य और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण

अपूर्ण वर्तमानकाल हिन्दी में – Hindi में Kaal के तीन भेद या प्रकार ‘भूतकाल, वर्तमान काल और भविष्य काल‘ आदि होते है। और वर्तमान काल को पुनः छः भेदों में...Read more !

अपूर्ण भूतकाल – परिभाषा, वाक्य और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण

अपूर्ण भूतकाल हिन्दी में – Hindi में Kaal के तीन भेद या प्रकार ‘भूतकाल, वर्तमान काल और भविष्य काल‘ आदि होते है। और भूतकाल को पुनः छः भेदों में विभक्त...Read more !

Vilom Shabd in Hindi (Antonyms) विलोम शब्द | विपरीतार्थक शब्द : हिन्दी व्याकरण

विलोम शब्द जिन शब्दों के अपने निश्चित अर्थ होते हैं, उन अर्थों के विपरीत अर्थ देने वाले शब्द विलोम शब्द या विपरीतार्थक शब्द (Antonyms) कहलाते हैं। उदाहरण के लिए जैसे-...Read more !