हीट ट्रांसफर (heat transfer ) हमेशा उच्च तापमान से निम्न तापमान की ओर होता है।
कोई भी ठंडा करने वाली उपकरण , फ्रीज, AC कुछ इस तरह काम करते है:
- फ्रिज के अंदर कूलिंग सिस्टम कमरे की हवा को ठंडा करने के लिए कंप्रेसर और कंडेंसर का उपयोग करता है।
- जब फ्रिज का दरवाजा खुला रहता है, तो वह लगातार गर्मी को बाहर निकालने की कोशिश करता है, जिससे कमरे में गर्मी बढ़ती रहती है।
- कंप्रेसर लगातार काम करता रहता है, जिससे बिजली की खपत भी बढ़ जाती है और गर्मी उत्पन्न होती रहती है।
- क्योंकि कमरा बंद है, इसलिए निकली हुई गर्मी बाहर नहीं जा पाती और कमरे का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
इस वजह से कमरा ठंडा होने के बजाय और गर्म हो जाता है, क्योंकि फ्रिज की गर्मी कमरे के भीतर ही रह जाती है और उसका ठंडा करने वाला प्रभाव खत्म हो जाता है।
इन उपकरणों को दो अलग कम्पार्टमेंट की तरह देख सकते है :
- पहला वह कम्पार्टमेंट जहाँ ठंडी की जानी है जैसे फ्रीज के अंदर का भाग जहा पर सब्जिया रखते है या फिर वह रूम जिसे AC ठंडा करता है।
- दूसरा कम्पार्टमेंट वह जहा पर कम्पार्टमेंट से ली हुई गर्मी छोड़ी जाती है।
- फ्रीज में, पहले कम्पार्टमेंट से ली गई गर्मी दूसरे कम्पार्टमेंट (फ्रीज के बाहर) यानि रूम में ही छोड़ दी जाती है।
- और AC में पहले कम्पार्टमेंट ( यानि रूम ) से ली गई गर्मी दूसरे कम्पार्टमेंट यानि रूम के बाहर की वातावरण, में छोड़ी जाती है।
अब फ्रीज को विस्तार से समझते है।
फ्रीज़ में, बहुत ही ठंडी तरल पदाथ पतली पाइपो की मदद से फ्रीज के कम्पार्टमेंट में घुमाया जाता है जो फलों और सबजीयो से गर्मी अपने अंदर सोख लेता है,इसके परिणाम स्वरूप वे ठन्डे होते है।
वो तरल पदार्थ जिसने गर्मी सोखी है उसको फ्रीज के लगी पाइपो में घुमाया जाता है जिसे कंडेंसर भी कहते है, कुछ ऐसा होता है कंडेंसर:
ये ली हुई गर्मी को हवा में छोड़ देता है, तथा वो तरल पदार्थ वापस इस्तेमाल किया जाता है।
ये सब काम जैसे तरल पदार्थ को एक जगह से दूसरे जगह ले जाना, उसकी प्रेशर कम, जायदा करना, कंप्रेसर करता है, और कंप्रेसर बिजली खाता है और गर्मी भी उत्पन्न करता है (जो फ्रीज के बहार ही छोड़ दिया जाता है)।
अब आते है अपने प्रश्न पर:
फ्रीज का दरवाजा खुला छोड़ पर कमरे का तापमान क्यों बढ़ जाता है ?
अगर फ्रीज खुला छोड़ देेंगे तो उसकी:
- कूलिंग कम्पार्टमेंट सिर्फ फ्रीज नहीं बल्कि पूरा कमरा हो जायेगा
- इस तरह कंप्रेसर अब पुरे कमरे को ठन्डा करने की कोसिस करेगा।
- अब चूँकि जयादा क्षेत्र को ठंडा करना है तो कंप्रेसर जायदा बिजली लेगा और वो और भी जायदा गर्म होगा।
- अब, पहला कम्पार्टमेंट ( जिसे ठंडा रखा जाना है = फ्रीज के अंदर के भाग + कमरा ) और दूसरा कम्पार्टमेंट (कंडेंसर—जो गर्मी सोख कर बहार फेकता है ) दोनों एक ही जायेगा ।
- और मामला कुछ इस तरह हो जायेगा — की एक ही जगह से गर्मी ले रहे है और और उसी जगह पर गर्मी भी छोड़ रहे है।
- इसकी वजह से कूलिंग नहीं होगा।
अब सवाल आता है की ठीक है कूलिंग नहीं हो रहा, तो
कमरा गर्म क्यों हो रहा है ?
तो इसका जवाब है, फ्रीज में लगे सेंसर तापमान पर ध्यान रखता है।
अब जब फ्रीज का दरवाजा खुला होने से कूलिंग नहीं होगा तो सेंसर, कंप्रेसर को सिग्नल देता है : कंप्रेसर, तुम और काम करो, कंप्रेसर और बिजली लेगा और खुद गर्म होकर हवा में गर्मी जोड़ता रहेगा।
इस तरह कमरा धीरे धीरे गरम होता जाता है।
मेरी तरफ से यह एक कोशिश है की चीजों को आसानी से समझा पाऊ।