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Articles by Editorial Team:

आलोचना और आलोचक – लेखक, ग्रंथ और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी की आलोचना और आलोचक हिंदी का प्रथम आलोचना ग्रंथ भारतेंदु हरिश्चन्द्र ने नाटक लिखा है। आलोचना के लिए अंग्रेजी में जिस ‘क्रिटिसिज्म‘ शब्द का प्रयोग होता है, उसका अर्थ...

एकांकी और एकांकीकार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी की एकांकी और एकांकीकार हिन्दी की प्रथम एकांकी ‘जयशंकर प्रसाद‘ द्वारा रचित “एक घूँट” है। एक अंक वाले नाटक को एकांकी कहा जाता है। हिन्दी में ‘एकांकी’ जो अंग्रेजी...

निबंध और निबंधकार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी के निबंध और निबंधकार निबन्ध शब्द हिन्दी में संस्कृत से ग्रहण किया गया है, परन्तु आज इससे अंग्रेजी ‘ऐसे‘ (Essay) का बोध होता है, फ्रेंच में इसे ‘एसाई‘ (Essie) कहते...

आत्मकथा और आत्मकथाकार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी की आत्मकथा और आत्मकथाकार हिन्दी का प्रथम आत्मचरित/आत्मकथा पद्य (poetry) में “अर्द्धकथानक” (बनारसी दास) तथा गद्य (prose) में “स्वरचित आत्मचरित” (दयानंद सरस्वती) है। लेखक जब स्वयं अपने जीवन को...

जीवनी और जीवनीकार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी की जीवनी और जीवनीकार हिन्दी की प्रथम जीवनी ‘नाभा दास‘ लिखित “भक्तमाल” है। किसी व्यक्ति विशेष के सम्पूर्ण जीवन वृतांत को जीवनी कहते है। जीवनी का अंग्रेजी अर्थ “बायोग्राफी”...

संस्मरण और संस्मरणकार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी के संस्मरण और संस्मरण-कार हिन्दी का प्रथम संस्मरण ‘बालमुकुंद गुप्त‘ लिखित “हरिऔध जी का संस्मरण” है। किसी घटना, दृश्य, वस्तु या व्यक्ति का पूर्णरूपेण आत्मीय स्मरण संस्मरण कहलाता है।...

रेखाचित्र और रेखाचित्रकार – लेखक और रचनाएँ, हिन्दी

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हिन्दी के रेखाचित्र और रेखा-चित्रकार हिन्दी का प्रथम रेखाचित्र “पद्म पराग” है, तथा इसके रचनाकार “पद्म सिंह शर्मा” हैं। वह चित्र या आकृति जिसमें मात्र रेखाओं का प्रयोग किया गया...

हिन्दी की प्रमुख गद्य रचनाएँ एवं उनके रचयिता

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गद्य क्या होता है? मनुष्य की बोलने या लिखने पढ़ने की छंदरहित साधारण व्यवहार की भाषा को गद्य (prose) कहा जाता है। हिन्दी साहित्य की रचनाएँ और रचनाकार उनके कालक्रम...

कविता | Kavita ki vidhaye | कविता के सौन्दर्य तत्व

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कविता कविता पद्यात्मक एवं छन्द-बद्ध होती है। चिन्तन की अपेक्षा, उसमें भावनाओं की प्रधानता होती है। उसका आनन्द सृजन करता है। इसका उद्देश्य सौन्दर्य की अनुभूति द्वारा आनन्द की प्राप्ति...

हिन्दी की विधाओं की प्रथम रचना – हिन्दी में प्रथम

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विधा की प्रथम रचना या हिन्दी की विभिन्न विधाओं की प्रथम रचनाएँ अक्सर विभिन्न बोर्ड की परीक्षाओं एवं अन्य हिन्दी की परीक्षाओं में पूछी जाती हैं। हिन्दी साहित्य का आरम्भ...